“हर बार टैक्स में कटौती की मांग न करें” – नितिन गडकरी के बयान ने मचा दी खलबली

"हर बार टैक्स में कटौती की मांग न करें" – नितिन गडकरी के बयान ने मचा दी खलबली

"हर बार टैक्स में कटौती की मांग न करें" – नितिन गडकरी के बयान ने मचा दी खलबली

नई दिल्ली, 12 मार्च 2025: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को उद्योग जगत से लगातार टैक्स में कटौती की मांग न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों के लिए कल्याणकारी योजनाओं के लिए राजस्व की आवश्यकता होती है।

जीएसटी कटौती पर गडकरी की दो-टूक

एक कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने स्पष्ट कहा, “हम टैक्स कम करना चाहते हैं, लेकिन बिना टैक्स के सरकार कल्याणकारी योजनाओं को कैसे चलाएगी?” उन्होंने जीएसटी (GST) दरों में कटौती की लगातार मांग को लेकर असहमति जताई और कहा कि यह एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।

गडकरी ने कहा, “अगर हम टैक्स कम कर देंगे, तो आप और कटौती की मांग करेंगे, क्योंकि यह मानव स्वभाव है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह समृद्ध लोगों से टैक्स लेकर गरीबों तक संसाधन पहुंचाए।

लॉजिस्टिक्स लागत घटाने पर जोर

गडकरी ने यह भी घोषणा की कि भारत की लॉजिस्टिक्स लागत को अगले दो वर्षों में 14-16% से घटाकर 9% तक लाया जाएगा। उन्होंने चीन (8%) और अमेरिका-यूरोप (12%) की तुलना करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होने से भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी।

उद्योग जगत को आत्मनिर्भर बनने की सलाह

गडकरी ने भारतीय उद्यमियों से निर्माण लागत कम करने और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “आप सिर्फ संपत्ति के निर्माता ही नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले भी हैं…हमें इस स्वर्ण युग का पूरा लाभ उठाना चाहिए।”

आयात घटाएं, निर्यात बढ़ाएं

गडकरी ने भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आयात कम करने और निर्यात बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर उद्योग जगत सरकार के साथ मिलकर काम करे, तो भारत आर्थिक महाशक्ति बन सकता है।

उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि सरकार लॉजिस्टिक्स सुधार, उत्पादन लागत में कमी और निर्यात को बढ़ावा देकर भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक व्यापार में अग्रणी बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।