दिल्ली की हवा फिर जहरीली, AQI 391 के करीब; सुप्रीम कोर्ट ने कहा- AQI 400 तक पहुंच रहा है
देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। शुक्रवार, 6 नवंबर को दिल्ली की हवा ‘Very Poor’ श्रेणी में दर्ज की गई। कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया, जिसके कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह दिल्ली का औसत AQI 391 के करीब पहुंच गया। वहीं, कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा की गुणवत्ता ‘Severe’ श्रेणी में दर्ज की गई। रोहिणी में AQI 475 और IIT दिल्ली में 472 तक पहुंच गया।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता, गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण पर उठाए सवाल
दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चिंता जताई। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि दिल्ली का AQI पहले ही 400 के करीब पहुंच रहा है और इस समस्या पर लगातार चर्चा के बावजूद ठोस कदम उठाने की जरूरत है।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में बढ़ते वाहनों की संख्या और ट्रैफिक को प्रदूषण का एक बड़ा कारण बताया। कोर्ट ने गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद से दिल्ली आने-जाने वाले वाहनों की संख्या पर भी चिंता जताई।
सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण बढ़ने पर स्कूलों को बंद करने या ऑनलाइन क्लास चलाने की मांग भी उठी। इस पर अदालत ने कहा कि वह इस मामले में विशेषज्ञों की राय के आधार पर फैसला करेगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 नवंबर के लिए तय की है।
GRAP-2 के नियम लागू, दिवाली से पहले बढ़ी चिंता
दिल्ली-NCR में प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए GRAP के दूसरे चरण के प्रतिबंध लागू हैं। इसके तहत सड़कों की सफाई, पानी का छिड़काव और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने से निकलने वाला धुआं प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
दिवाली से पहले हवा की बिगड़ती गुणवत्ता ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम और हवा की दिशा भी प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर सकती है।