RCB Victory Parade Stampede Case: बिना पुलिस इजाज़त के बुलाया था भीड़, हाई कोर्ट में सौंपी जांच रिपोर्ट, विराट भी जांच के घेरे में

RCB Victory Parade Stampede Case: बिना पुलिस इजाज़त के बुलाया था भीड़, हाई कोर्ट में सौंपी जांच रिपोर्ट, विराट भी जांच के घेरे में

RCB Victory Parade Stampede Case: बिना पुलिस इजाज़त के बुलाया था भीड़, हाई कोर्ट में सौंपी जांच रिपोर्ट, विराट भी जांच के घेरे में

नई दिल्ली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL जीत के बाद आयोजित की गई विजय जुलूस (Victory Parade) के दौरान मची भगदड़ को लेकर कर्नाटक सरकार ने हाई कोर्ट में अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की जान चली गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

सरकार की रिपोर्ट में RCB मैनेजमेंट को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है, जिसमें बताया गया है कि फ्रेंचाइज़ी ने बिना पुलिस अनुमति के परेड की घोषणा कर दी थी और सोशल मीडिया के ज़रिए आम लोगों को जुलूस में शामिल होने का आमंत्रण भी भेज दिया।

बिना इजाजत हुई भीड़ जुटाने की तैयारी

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, RCB ने 3 जून को पुलिस को केवल सूचना दी थी, इजाजत नहीं मांगी थी। जबकि कानून के अनुसार, ऐसे किसी भी बड़े सार्वजनिक आयोजन के लिए कम से कम 7 दिन पहले विधिवत अनुमति लेना जरूरी होता है।

लेकिन RCB ने इसके विपरीत 4 जून की सुबह अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स से फ्री एंट्री की घोषणा कर दी, जिससे हजारों लोग बेंगलुरु की सड़कों पर उमड़ पड़े।

सोशल मीडिया पर एक के बाद एक पोस्ट्स

सरकारी रिपोर्ट में बताया गया है कि 4 जून 2025 की सुबह 7:01 बजे RCB ने अपने आधिकारिक हैंडल से विधान सौध से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक फ्री विक्ट्री परेड की घोषणा की।

  • सुबह 8 बजे: दूसरी बार लोगों को बुलाया गया।
  • सुबह 8:55 बजे: विराट कोहली का एक वीडियो पोस्ट हुआ जिसमें उन्होंने प्रशंसकों को परेड में आने का निमंत्रण दिया।
  • दोपहर 3:14 बजे: फिर से पोस्ट कर शाम 5 से 6 बजे तक परेड का रूट बताया गया।

इन सभी घोषणाओं से भारी भीड़ इकट्ठा हुई और आयोजन स्थल पर भगदड़ मच गई, जिससे 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।

गोपनीयता की मांग ठुकराई कोर्ट ने

कर्नाटक सरकार ने अदालत से इस रिपोर्ट को गोपनीय रखने का आग्रह किया था, लेकिन हाई कोर्ट ने साफ कह दिया कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। अदालत ने स्पष्ट किया कि ऐसी घटना से जुड़ी रिपोर्ट को सार्वजनिक करना ज़रूरी है ताकि जवाबदेही तय हो सके।

IPL खिताब जीतने के बाद हुई थी परेड की योजना

गौरतलब है कि RCB ने 3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की थी। इसके बाद टीम ने बेंगलुरु में भव्य जश्न का ऐलान किया, लेकिन उत्साह और सुरक्षा प्रबंधन की भारी चूक ने जश्न को मातम में बदल दिया।

अब क्या आगे?

हाई कोर्ट अब इस रिपोर्ट के आधार पर RCB मैनेजमेंट और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर जवाबदेही तय करेगा। यह मामला सिर्फ एक खेल आयोजन की असफलता नहीं, बल्कि लाखों प्रशंसकों की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुका है।

About The Author

You may have missed