US Midterm Election Results 2026: ट्रंप को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर किया कब्जा

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अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी ने रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका देते हुए अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। रॉयटर्स और एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट्स की यह जीत ट्रंप प्रशासन के लिए बड़ा राजनीतिक झटका मानी जा रही है।

अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बहुमत हासिल कर लिया है। चुनाव में पार्टी ने कम से कम सात अहम सीटों पर जीत दर्ज की। कंसास, आयोवा, टेक्सास, ओहायो, मेन, नॉर्थ कैरोलिना और साउथ कैरोलिना में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन पार्टी को पीछे छोड़ दिया। मेन में ट्रॉय जैक्सन ने रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स को हराया, जबकि नॉर्थ कैरोलिना में रॉय कूपर ने जीत दर्ज की। टेक्सास में जेम्स टालारिको ने रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन को हराकर बड़ा उलटफेर किया।

435 सदस्यों वाले हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने बढ़त बनाते हुए बहुमत हासिल कर लिया। चुनाव से पहले इस सदन में रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। डेमोक्रेट्स ने दो दर्जन से ज्यादा सीटें रिपब्लिकन पार्टी से छीन लीं। इस जीत के बाद डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज के हाउस का स्पीकर बनने का रास्ता भी साफ हो सकता है।

ट्रंप के लिए क्यों बढ़ेंगी मुश्किलें?

मिडटर्म चुनाव को अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल के बीच जनता के राजनीतिक फैसले के तौर पर देखा जाता है। इस बार महंगाई, ईरान के साथ युद्ध और ट्रंप प्रशासन की नीतियां चुनाव के प्रमुख मुद्दे रहे।

अब संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के लिए नए कानून पास कराना और अपनी नीतियों को लागू करना मुश्किल हो सकता है। डेमोक्रेट्स सरकारी नीतियों की जांच कर सकते हैं और राष्ट्रपति के नियुक्ति संबंधी फैसलों पर भी रोक लगा सकते हैं।

इस नतीजे के साथ अमेरिका की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत मानी जा रही है। ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अगले दो साल में रिपब्लिकन पार्टी को संसद में विपक्ष का सामना करना पड़ेगा।