राहुल गांधी ने BJP-EC के बीच ‘साज़िश’ का पर्दाफाश, चुनावों में बड़े पैमाने पर हुआ धोखाधड़ी

राहुल गांधी ने BJP-EC के बीच 'साज़िश' का पर्दाफाश, चुनावों में बड़े पैमाने पर हुआ धोखाधड़ी
राहुल गांधी ने BJP-EC के बीच 'साज़िश' का पर्दाफाश, चुनावों में बड़े पैमाने पर हुआ धोखाधड़ी

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को चुनावों में बड़ी धोखाधड़ी (Huge Criminal Fraud) होने का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग (Election Commission of India – ECI) के बीच मिलीभगत (Collusion) के जरिए वोटरों की सूची में नकली नाम जोड़कर फर्जी वोट डाले जा रहे हैं। कांग्रेस के एक अध्ययन का हवाला देते हुए राहुल ने बताया कि कर्नाटक के एक विधानसभा क्षेत्र में फर्जी वोटों की बढ़ोतरी ने 2024 के बंगलूरू सेंट्रल लोकसभा सीट पर भाजपा की जीत सुनिश्चित की।

शपथ लेकर सबूत देने को कहा

राहुल गांधी ने महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनावों में भी मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनावों को “चोरी” बताया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा ने लोकसभा सीटें जीतने के लिए सिर्फ एक विधानसभा क्षेत्र में भारी बहुमत लेकर चुनाव परिणाम तय किए।

इसके जवाब में कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने राहुल गांधी को उनके आरोपों के सबूत शपथ पत्र (Declaration under oath) के साथ प्रस्तुत करने को कहा है। तीनों राज्यों के अधिकारियों ने राहुल को लिखा है कि वे तुरंत अपने आरोपों के साथ फर्जी मतदाताओं के नाम भी दें ताकि आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा सके।

कानूनी सलाहकारों का मानना: ECI का कदम बेअसर

चुनावी कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि चुनाव आयोग का राहुल गांधी को शपथ लेकर सबूत मांगना इस स्थिति में बेअसर है। क्योंकि इस मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए, आरोपों की जांच की प्रक्रिया को स्वतंत्र और पारदर्शी तरीके से संपन्न करना आवश्यक है।

अगर राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत सबूत गलत पाए जाते हैं तो उन्हें चुनाव कानून के तहत कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। इसके तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 227/229 के तहत तीन साल तक की जेल और Representation of the People Act, 1950 की धारा 31 के तहत एक साल तक की सजा हो सकती है।

राजनीतिक हलचल तेज, सोशल मीडिया पर छाया #BJP_ECI_Controversy

राहुल गांधी के आरोपों के बाद चुनाव आयोग और भाजपा की छवि पर सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर #BJP_ECI_Controversy तेजी से ट्रेंड कर रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर चुनाव प्रणाली की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं।

राहुल गांधी के चुनावों में वोटर लिस्ट हेरफेर और भाजपा-चुनाव आयोग के बीच कथित मिलीभगत के आरोपों ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। चुनाव आयोग ने जवाबी कार्रवाई में राहुल गांधी को प्रमाण पेश करने के लिए कहा है, लेकिन चुनाव विशेषज्ञों के मुताबिक मामला इतना आसान नहीं है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बड़ा राजनीतिक विवाद होने की संभावना है।