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Priyanka Chaturvedi ने ‘साड़ी में शशि थरूर’ का क्या है किस्सा, थरूर बोले- ‘गर्वित हूं’

Priyanka Chaturvedi ने 'साड़ी में शशि थरूर' का क्या है किस्सा, थरूर बोले- 'गर्वित हूं'
Priyanka Chaturvedi ने 'साड़ी में शशि थरूर' का क्या है किस्सा, थरूर बोले- 'गर्वित हूं'

नई दिल्ली: शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान उनके बारे में की गई ‘साड़ी में शशि थरूर’ टिप्पणी पर मजाकिया अंदाज़ में प्रतिक्रिया दी है। इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वे इस तुलना से गर्व महसूस कर रहे हैं।

यह पूरा संवाद एएनआई पॉडकास्ट के दौरान हुआ, जहां वरिष्ठ पत्रकार स्मिता प्रकाश ने प्रियंका चतुर्वेदी से उनकी हालिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर सवाल किया। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे थे कि प्रियंका पार्टी बदल सकती हैं।

इस पर प्रियंका ने कहा, “मुझे कभी-कभी लोगों को परेशान करना अच्छा लगता है, क्योंकि वे मेरी ज़िंदगी में ज़रूरत से ज़्यादा रुचि रखते हैं।”

इसी बातचीत के दौरान स्मिता प्रकाश ने चुटकी लेते हुए कहा, “आप साड़ी में शशि थरूर हैं।” इस पर मुस्कुराते हुए प्रियंका ने कहा, “मुझे नहीं पता कि ये शशि थरूर की तारीफ है या मेरी, लेकिन मैं शशि को बता दूंगी।” बाद में शशि थरूर ने इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “थैंक्स प्रियंका! मैं इस तुलना से गर्वित महसूस कर रहा हूं।”

इस बीच, प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की तस्वीर साझा करने के बाद उनकी पार्टी छोड़ने की अटकलें शुरू हो गई थीं। इस पर उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा ही करते रहिए, आप जानते हैं कि मैं अपनी जिंदगी में क्या कर रही हूं। बस खुश रहिए।”

पॉडकास्ट के दौरान उन्होंने ट्रोल्स से निपटने, अपने राजनीतिक दृष्टिकोण, और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व करने जैसे मुद्दों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद भारत के रुख को स्पष्ट करने के लिए विदेश गए प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने को लेकर कहा, “जब मैं अपने देश में होती हूं तो विपक्ष की एक मुखर सदस्य होती हूं। लेकिन जब मैं अपने देश से बाहर होती हूं, तो मैं अपने देश की राजदूत होती हूं।” प्रियंका चतुर्वेदी का यह संतुलित और स्पष्ट दृष्टिकोण राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जबकि उनका हास्य-भरा अंदाज सोशल मीडिया पर खूब सराहा जा रहा है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।