नई दिल्ली: ब्लड प्लेटलेट्स की संख्या में गिरावट कई कारणों से हो सकती है, लेकिन यह स्थिति शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकती है क्योंकि प्लेटलेट्स रक्त के थक्के बनाने और घाव भरने में अहम भूमिका निभाते हैं। जब प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं, तो खून बहने की संभावना बढ़ जाती है और रिकवरी धीमी हो सकती है।
ऐसे में जरूरी हो जाता है कि समय रहते कदम उठाए जाएं और प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए उचित आहार या दवाओं का सहारा लिया जाए। इन्हीं उपायों में दो फलों कीवी और पपीता को लेकर काफी बहस होती रही है कि कौन सा फल प्लेटलेट्स बढ़ाने में ज्यादा असरदार है। आइए जानें किसमें है ज्यादा ताकत।
विटामिन C से भरपूर
- कीवी: विटामिन C का जबरदस्त स्रोत, जो इम्युनिटी बढ़ाता है और कोलेजन बनने में मदद करता है, जिससे रक्त वाहिकाएं मजबूत बनती हैं।
- पपीता: इसमें भी विटामिन C होता है, लेकिन कीवी की तुलना में मात्रा थोड़ी कम होती है।
फोलेट की मौजूदगी
- कीवी: फोलेट की अच्छी मात्रा, जो नई रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स के निर्माण में सहायक है।
- पपीता: खासकर पपीते के पत्तों का रस, डेंगू जैसी बीमारियों में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता है।
एंटीऑक्सीडेंट गुण
- कीवी: पॉलीफेनॉल और कैरोटिनॉइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर, जो प्लेटलेट्स को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाते हैं।
- पपीता: बीटा-कैरोटीन और फ्लेवोनॉयड्स की मौजूदगी संक्रमण से उबरने में मदद करती है।
पाचन में मददगार
- कीवी: इसमें ऐक्टिनिडिन नामक एंजाइम होता है, जो पाचन में सुधार कर पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाता है।
- पपीता: पपेन एंजाइम के कारण पाचन बेहतर होता है और शरीर को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं।
हाइड्रेशन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन
- कीवी: पोटैशियम से भरपूर और शरीर को हाइड्रेट रखता है, जो बुखार से उबरने में सहायक होता है।
- पपीता: पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और कोशिकाएं स्वस्थ रहती हैं।
सूजन घटाने वाले गुण
- कीवी: सूजन कम कर बोन मैरो के बेहतर कार्य में मदद करता है।
- पपीता: इसमें चाइमोपपेन और पपेन जैसे एंजाइम होते हैं, जो सूजन कम करने में सहायक होते हैं।
कीवी और पपीता दोनों ही पोषण से भरपूर फल हैं, लेकिन प्लेटलेट्स की संख्या प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के मामले में पपीता को थोड़ी बढ़त मिलती है। इसकी पारंपरिक उपयोगिता, आसान उपलब्धता और पत्तों के रस के रूप में विशेष भूमिका इसे और प्रभावी बनाती है।
डॉक्टरों की सलाह अनुसार, प्लेटलेट्स की संख्या में गिरावट होने पर पपीते के पत्ते का रस एक असरदार घरेलू उपाय माना जाता है। हालांकि, किसी भी गंभीर स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।