अमेरिका के सबसे दयालु और लोकप्रिय न्यायाधीशों में शुमार जज फ्रैंक कैप्रियो का 88 वर्ष की उम्र में अग्नाशय कैंसर के कारण निधन हो गया। वे न केवल न्यायिक प्रणाली में अपनी निष्पक्षता और करुणा के लिए जाने जाते थे, बल्कि उन्होंने न्याय को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ने का एक नया मानदंड भी स्थापित किया।
टीवी शो से मिली दुनिया भर में पहचान
फ्रैंक कैप्रियो को वैश्विक लोकप्रियता “Catch in Providence” नामक कोर्टरूम रियलिटी शो से मिली। इस शो में वे ट्रैफिक और छोटे-मोटे मामलों की सुनवाई करते थे और अपनी उदारता, विनम्रता और हास्य के साथ न्याय करते नजर आते थे। उनका एक मशहूर वीडियो, जिसमें उन्होंने एक बुजुर्ग का पहली बार ओवर स्पीडिंग का चालान माफ किया, सोशल मीडिया पर करोड़ों बार देखा गया।
अंतिम दिनों में मांगी लोगों की दुआएं
अपने निधन से कुछ दिन पहले, कैप्रियो ने फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। उन्होंने अपने प्रशंसकों से कहा, “मुझे अपनी प्रार्थनाओं में याद रखें।” यह वीडियो उनके स्वास्थ्य की गंभीरता का संकेत था।
सादगी से भरी शुरुआत, करुणा से भरा जीवन
कैप्रियो का जन्म 1936 में रोड आइलैंड के प्रोविडेंस में हुआ था। वे एक इटैलियन-अमेरिकन परिवार से ताल्लुक रखते थे और साधारण पृष्ठभूमि से आगे बढ़ते हुए अमेरिका के मुख्य नगरपालिका न्यायाधीश बने। उन्होंने करीब 40 वर्षों तक न्यायिक सेवा दी और 2023 में रिटायर हुए।
न्याय में करुणा और संवेदना का समावेश
कैप्रियो का मानना था कि न्याय केवल कानून से नहीं, बल्कि इंसानियत से भी जुड़ा होना चाहिए। वे कोर्टरूम में अक्सर लोगों की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसले सुनाते थे। उन्होंने कहा था,
“मुझे उम्मीद है कि लोग देखेंगे कि हम बिना दमन के न्याय कर सकते हैं। हम एक बहुत ही विवादास्पद समाज में रहते हैं, जहां करुणा की बेहद ज़रूरत है।”
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो
उनके सबसे मशहूर वीडियो में शामिल हैं:
- बच्चों को बेंच पर बुलाकर अपने माता-पिता के चालान पर निर्णय लेने देना।
- 400 डॉलर के जुर्माने को रद्द करना जब एक महिला ने बताया कि उसका बेटा मारा गया था।
- एक गरीब बारटेंडर का चालान माफ करना और लोगों से बिल भरने की अपील करना।
न्याय व्यवस्था में नई सोच के प्रतीक
कैप्रियो को न केवल अमेरिका, बल्कि पूरी दुनिया में दयालु न्यायाधीश के रूप में जाना जाता है। उन्होंने यह दिखाया कि कानून के पालन के साथ इंसानियत भी संभव है। उनके निर्णयों में अक्सर समझदारी, संवेदना और मानवीय दृष्टिकोण झलकता था।
फ्रैंक कैप्रियो का निधन केवल अमेरिका की न्याय व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे हमेशा ‘दयालु न्याय’ की मिसाल के रूप में याद किए जाएंगे।