Atul Subhash suicide case: जानें कैसे फरार निकिता सिंघानिया की हुई गिरफ्तारी?

Atul Subhash suicide case: जानें कैसे फरार निकिता सिंघानिया की हुई गिरफ्तारी?

Atul Subhash suicide case: जानें कैसे फरार निकिता सिंघानिया की हुई गिरफ्तारी?

बेंगलुरु के 34 वर्षीय AI इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में उनकी अलग रह रही पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी तब हुई जब अतुल ने आत्महत्या करने से पहले 90 मिनट का वीडियो और 24 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी पत्नी और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।

पुलिस ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपी परिवार ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर स्थित अपने घर को बंद कर दिया और छिपने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने उनके रिश्तेदारों की सूची तैयार की और उन पर नज़र रखना शुरू किया।

निकिता सिंघानिया गुरुग्राम के एक पीजी में छिपी हुई थीं, जबकि उनकी मां निशा और भाई अनुराग प्रयागराज के झूसी इलाके में छिपे थे। पुलिस को उनका सुराग तब मिला जब निकिता ने अपने एक रिश्तेदार को कॉल किया। इस कॉल की टावर लोकेशन ट्रैक कर पुलिस निकिता के ठिकाने तक पहुंच गई। पुलिस ने निकिता को हिरासत में लेकर उसकी मां निशा से कॉल करने को कहा। निशा सिंघानिया ने जैसे ही कॉल का जवाब दिया, पुलिस ने उन्हें भी झूसी से गिरफ्तार कर लिया।

तीनों आरोपियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने के लिए देर रात की फ्लाइट से बेंगलुरु लाया गया। बेंगलुरु पहुंचने के बाद मेडिकल जांच के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें दो हफ्ते की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हालांकि निकिता के चाचा सुशील सिंघानिया को अग्रिम जमानत दे दी है। इस पूरे मामले में पुलिस ने यह भी बताया कि दंपति के चार साल के बेटे को परिवार के एक रिश्तेदार की देखरेख में सौंप दिया गया है। पुलिस की सख्ती और जांच के चलते आरोपी ज्यादा दिन तक छिप नहीं पाए और आखिरकार गिरफ्तार कर लिए गए।

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