Breaking News: बाराबंकी मंदिर में करंट से मची भगदड़, दो की मौत, 32 श्रद्धालु घायल

Breaking News: बाराबंकी मंदिर में करंट से मची भगदड़, दो की मौत, 32 श्रद्धालु घायल
Breaking News: बाराबंकी मंदिर में करंट से मची भगदड़, दो की मौत, 32 श्रद्धालु घायल

बाराबंकी: सावन के पवित्र महीने में जलाभिषेक के दौरान सोमवार सुबह हैदरगढ़ क्षेत्र स्थित अवसानेश्वर मंदिर में बड़ा हादसा हो गया। मंदिर परिसर में एक टिन शेड पर बंदरों द्वारा टूटकर गिरा बिजली का तार भगदड़ की वजह बन गया। करंट फैलने से अफरा-तफरी मच गई और इस दौरान मची भगदड़ में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हो गए।

जिला प्रशासन के अनुसार, यह हादसा उस वक्त हुआ जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु ‘जलाभिषेक’ के लिए मंदिर पहुंचे थे। इसी दौरान बंदरों ने एक हाई वोल्टेज तार को क्षतिग्रस्त कर दिया, जो टिन शेड पर गिर गया। बिजली का करंट फैलते ही श्रद्धालुओं में दहशत फैल गई और भगदड़ मच गई।

घायलों को पास के त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और हैदरगढ़ सीएचसी में भर्ती कराया गया है। त्रिवेदीगंज सीएचसी में भर्ती किए गए 10 घायलों में से पांच की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं, हैदरगढ़ सीएचसी में भर्ती 26 घायलों में से एक की स्थिति गंभीर बताई जा रही है और उसे भी आगे के इलाज के लिए भेजा गया है।

मृतकों की पहचान मुबारकपुरा गांव निवासी प्रशांत (22) और एक 30 वर्षीय अन्य श्रद्धालु के रूप में हुई है। दोनों ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।

बाराबंकी के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर परिसर में तीन टिन शेडों में करंट फैल गया था, जिससे भगदड़ मची। उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद राहत कार्य शुरू कर दिए गए थे और फिलहाल मंदिर में पूजा-पाठ दोबारा शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उन्होंने अधिकारियों को तत्काल राहत कार्यों को तेज करने और घायलों का उचित इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

योगी आदित्यनाथ ने भगवान महादेव से दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।

यह हादसा ऐसे वक्त में हुआ है जब एक दिन पहले ही हरिद्वार में मां मनसा देवी मंदिर की सीढ़ियों पर भगदड़ में आठ लोगों की मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं ने सावन के दौरान मंदिरों में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।