
मेरठ में सोमवार को आयोजित बीजेपी के शक्ति केंद्र सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के पश्चिमी उत्तर प्रदेश दौरे के बीच हुए इस कार्यक्रम में सीएम योगी ने परिवारवाद, सनातन परंपरा और कानून-व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले भारत की सनातन परंपरा को लेकर सवाल उठाए जाते थे और हिंदू परंपरा की तुलना ऐतिहासिक आक्रमणकारियों से करने के प्रयास होते थे। उन्होंने कहा कि अब देश गुलामी की मानसिकता से बाहर निकल रहा है।
सीएम योगी ने इसी संदर्भ में कहा, “बाबर के अनुयायियों को जवाब बजरंगी के भक्त ही दे सकते हैं।” यह बयान उनके भाषण का प्रमुख राजनीतिक संदेश बन गया।
विपक्ष पर परिवारवाद का आरोप
मुख्यमंत्री ने सपा, कांग्रेस, बसपा और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इन दलों के लिए सत्ता परिवारवाद और शोषण का माध्यम रही है। उन्होंने बीजेपी की कार्यशैली को इससे अलग बताते हुए कहा कि पार्टी में व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा राष्ट्र है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ काम करने की बात कही। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन भी मेरठ में पार्टी के शक्ति केंद्र संयोजकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर संगठन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा का भी किया जिक्र
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ यात्रा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले कांवड़ यात्रा पर रोक लगाने की बात होती थी, लेकिन उनकी सरकार ने इसे धूमधाम से आयोजित कराने की बात कही और वह खुद भी कांवड़ यात्रा में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि अब उत्तर प्रदेश में “कट्टा और बंदूक की राजनीति” नहीं होती। उन्होंने इसे प्रदेश में कानून-व्यवस्था में आए बदलाव से जोड़कर पेश किया।
2027 चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी पर फोकस
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 21 और 22 सितंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का दौरा पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। मेरठ के बाद उनका सहारनपुर जाने का कार्यक्रम है। इस दौरान पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों और जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें प्रस्तावित हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी का यह दौरा पश्चिमी यूपी में बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और चुनावी तैयारियों की समीक्षा पर केंद्रित है।
मेरठ के मंच से योगी आदित्यनाथ के बयान और नितिन नबीन की संगठनात्मक बैठकों ने पश्चिमी यूपी की राजनीति में चुनावी गतिविधियों के तेज होने का संकेत दिया है।











