Premanand Maharaj News: महिलाओं ने संत प्रेमानंद महाराज का किया कड़ा विरोध, प्रेमानंद महाराज को बंद करनी पड़ी पदयात्रा

Premanand Maharaj News: महिलाओं ने संत प्रेमानंद महाराज का किया कड़ा विरोध, प्रेमानंद महाराज को बंद करनी पड़ी पदयात्रा

Premanand Maharaj News: महिलाओं ने संत प्रेमानंद महाराज का किया कड़ा विरोध, प्रेमानंद महाराज को बंद करनी पड़ी पदयात्रा

वृंदावन – मशहूर संत प्रेमानंद महाराज की रात्रि पदयात्रा को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया गया है। श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। शुरुआत में बताया गया था कि यह फैसला महाराज जी के स्वास्थ्य और बढ़ती भीड़ को देखते हुए लिया गया, लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो से नई वजह सामने आई है—स्थानीय लोगों का विरोध।

आश्रम ने दी जानकारी

श्री हित राधा केलि कुंज आश्रम ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा, “आप सभी को सूचित किया जाता है कि पूज्य महाराज जी के स्वास्थ्य व बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए, उनकी रात्रि 2:00 बजे से श्री हित राधा केलि कुंज जाने वाली पदयात्रा को अनिश्चित काल के लिए बंद किया जाता है।”

स्थानीय लोगों ने क्यों किया विरोध?

संत प्रेमानंद महाराज की पदयात्रा रोज़ाना रात 2 बजे शुरू होती थी। इस दौरान उनके अनुयायी भजन-कीर्तन करते हुए चलते थे, पटाखे जलाए जाते थे और हजारों श्रद्धालु एक झलक पाने के लिए जुटते थे। लेकिन यह पूरी प्रक्रिया आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही थी।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि –
✔ रातभर का शोर बीमार, बुजुर्गों और छोटे बच्चों की नींद में खलल डाल रहा था।
✔ सुबह काम पर जाने वाले लोगों को पर्याप्त आराम नहीं मिल पा रहा था।
✔ मार्ग अवरुद्ध होने के कारण बीमार व्यक्तियों को अस्पताल ले जाने में दिक्कत होती थी।

तख्तियां लेकर सड़क पर उतरीं महिलाएं

विरोध के चलते कॉलोनी की महिलाएं तख्तियां लेकर सड़क पर उतर आईं। उनके पोस्टरों पर लिखा था –

“कौन-सी भक्ति, कौन-सा दर्शन, ये तो है केवल शक्ति प्रदर्शन!”

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस पदयात्रा से ध्वनि प्रदूषण हो रहा था, जिससे उनकी नींद और दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। एक व्यक्ति ने बताया, “इसकी वजह से हमें रोज़ाना सिर्फ 3 घंटे की ही नींद मिल पाती थी।”

क्या आगे कोई समाधान निकलेगा?

इस पूरे विवाद के बीच अभी यह साफ नहीं हुआ है कि पदयात्रा को किसी नए स्वरूप में जारी रखा जाएगा या नहीं। लेकिन स्थानीय विरोध और प्रशासन के दबाव के चलते संत प्रेमानंद महाराज की यह रात्रि यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गई है।

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