नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर बुधवार को हुए हमले के एक दिन बाद, उनकी सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है। गृह मंत्रालय (MHA) की समीक्षा के बाद, अब रेखा गुप्ता को Z-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। इसके तहत अब CRPF के कमांडो उनकी सुरक्षा में तैनात किए जाएंगे।
अब क्या बदलाव हुए हैं सुरक्षा में?
- अब तक मुख्यमंत्री को Z श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई थी, जिसे 15 दिन पहले ही Z-प्लस में बदला गया था।
- अब CRPF कमांडो सुरक्षा घेरे के भीतरी परिमंडल (inner perimeter) की जिम्मेदारी संभालेंगे।
- दिल्ली पुलिस बाहरी सुरक्षा घेरे (outer perimeter) की निगरानी जारी रखेगी।
- ‘जनसुनवाई’ में सीधे सीएम से मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- अब हर व्यक्ति की पहले सत्यापन (verification) की जाएगी, उसके बाद ही मुख्यमंत्री के सामने आने की अनुमति होगी।
- मुख्यमंत्री के आसपास एक निर्धारित सुरक्षा परिधि (designated perimeter) तैयार की जाएगी, जिससे कोई भी व्यक्ति उनके करीब न आ सके।
क्या हुआ था बुधवार को?
बुधवार सुबह जनसुनवाई के दौरान 41 वर्षीय व्यक्ति साकरिया राजेशभाई खिमजीभाई ने मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया था। आरोपी ने पहले रेखा गुप्ता को एक अर्जी सौंपी और फिर अचानक बाल खींचकर थप्पड़ मार दिया। सीएम के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत आरोपी को काबू में किया।
घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) (हत्या की कोशिश) के तहत गिरफ्तार किया। उसे अब पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
प्रशासन और राजनीतिक दल सतर्क
इस हमले के बाद से दिल्ली प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठे हैं। दिल्ली के राजनीतिक हलकों में भी इस हमले की कड़ी आलोचना की गई है और विपक्ष ने इसे दिल्ली की कानून व्यवस्था की विफलता करार दिया है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला एक गंभीर सुरक्षा चूक का संकेत है। सुरक्षा में आए इस बदलाव के बाद अब जनसुनवाई के दौरान भी सतर्कता और अनुशासन पहले से कहीं अधिक रहेगा। दिल्ली पुलिस और CRPF की संयुक्त निगरानी में मुख्यमंत्री की सुरक्षा को अभेद्य बनाने की कोशिश की जा रही है।