
नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप पर तीखा हमला बोला है। दुबे ने ‘फुले’ फिल्म को लेकर ब्राह्मण समुदाय पर कश्यप की टिप्पणी को अपमानजनक बताया और कहा कि अगर उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो उन्हें चैन से जीने नहीं दिया जाएगा। दुबे ने शुक्रवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “यह घटिया इंसान @anuragkashyap72 सोचता है कि पूरी ब्राह्मण जाति पर जहर उगल कर बच निकलेगा? अगर तुरंत माफी नहीं मांगी तो मैं कसम खाता हूं, इसे कहीं चैन से जीने नहीं दूंगा। इस गटर माउथ की नफरत अब और नहीं सहेंगे।”
इस विवाद के बीच अनुराग कश्यप ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक स्पष्टीकरण साझा करते हुए माफी भी मांगी। उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी को संदर्भ से काटकर पेश किया गया और इसके चलते उनके परिवार, बेटी, दोस्तों और सहयोगियों को बलात्कार और जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने लिखा, “यह मेरी माफी है—मेरे पोस्ट के लिए नहीं, बल्कि उस एक पंक्ति के लिए जिसे संदर्भ से काटा गया और जिससे नफरत फैल रही है। कोई भी बात या काम इतना अहम नहीं कि आपकी बेटी, परिवार, दोस्त और सहयोगी बलात्कार और मौत की धमकियां झेलें।” यह पूरा विवाद 17 अप्रैल को अनुराग कश्यप के इंस्टाग्राम पोस्ट से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी आगामी फिल्म फुले को लेकर हो रहे विरोध पर सवाल उठाए थे। उन्होंने पूछा था कि भारत में जातीय मुद्दों पर बनी फिल्मों पर ही प्रतिबंध क्यों लगाए जाते हैं।
फुले फिल्म समाज सुधारकों ज्योतिराव और सावित्रीबाई फुले की जीवनकथा पर आधारित है, जिसमें प्रतीक गांधी और पत्रलेखा मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म पहले पिछले हफ्ते रिलीज होनी थी, लेकिन अब इसे 25 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। 10 अप्रैल को ट्रेलर रिलीज होने के बाद कुछ ब्राह्मण संगठनों ने आरोप लगाया कि फिल्म में ब्राह्मण समुदाय को नकारात्मक रूप में दिखाया गया है। इसके बाद से विरोध शुरू हो गया। कश्यप ने बताया कि उनका पहला रंगमंच नाटक भी फुले दंपति के जीवन पर आधारित था, जिससे उनके इस विषय से पुराने जुड़ाव को भी दर्शाया।