रायबरेली में बवाल, लखनऊ तक उबाल: सपा-ABVP विवाद की पूरी कहानी
रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में सदस्यता अभियान को लेकर समाजवादी छात्र सभा और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच विवाद के बाद मामला पुलिस और एसपी कार्यालय तक पहुंच गया। सपा नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच विवाद के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप किया गया।
रायबरेली: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के बाहर शुरू हुआ छात्र संगठनों का विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गया है। गुरुवार, 17 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा के सदस्यता अभियान के दौरान सपा छात्र सभा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद धक्का-मुक्की और नारेबाजी की स्थिति बन गई। इसके बाद सपा कार्यकर्ता पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए एसपी कार्यालय तक पहुंच गए।
सदस्यता अभियान से शुरू हुआ विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के गेट के बाहर समाजवादी छात्र सभा की ओर से सदस्यता एवं छात्र जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ABVP कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे। दोनों पक्षों के बीच अभियान, बैनर और पोस्टर को लेकर कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की और नारेबाजी में बदल गई।
ABVP की ओर से सपा छात्र सभा के कार्यकर्ताओं पर अभद्रता और दबाव बनाने के आरोप लगाए गए, जबकि सपा पक्ष ने ABVP कार्यकर्ताओं पर अभियान में बाधा डालने और बैनर से जुड़े विवाद का आरोप लगाया। दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, बढ़ी नोकझोंक
विवाद की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को शांत कराने की कोशिश की। इसी दौरान सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव और शहर कोतवाली प्रभारी शिव शंकर सिंह के बीच तीखी बहस का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
वायरल वीडियो में कोतवाल की ओर से सपा जिलाध्यक्ष को कुछ आपत्तिजनक/कठोर शब्द कहे जाने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे विभिन्न दावों की स्वतंत्र पुष्टि सभी रिपोर्टों में नहीं हुई है।
एसपी कार्यालय तक पहुंचा मामला
कॉलेज में विवाद के बाद सपा जिलाध्यक्ष के साथ पार्टी कार्यकर्ता और विधायक एसपी कार्यालय पहुंचे। रिपोर्टों के अनुसार, सपा नेताओं ने संबंधित पुलिस अधिकारी को हटाने और मामले में कार्रवाई की मांग की।
इसी दौरान ABVP कार्यकर्ता भी एसपी कार्यालय के आसपास प्रदर्शन करने लगे। दोनों पक्षों की मौजूदगी के बीच एक बार फिर तनाव की स्थिति बनी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिसके दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति पैदा हुई। कुछ रिपोर्टों में पुलिस द्वारा हल्के बल प्रयोग की बात कही गई है।
सपा नेताओं ने लगाए पुलिस पर आरोप
सपा नेताओं का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ पुलिस ने धक्का-मुक्की की और बल प्रयोग किया। पार्टी नेताओं ने इसे लेकर पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाए और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी इस घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी और इसे PDA से जुड़े लोगों पर कार्रवाई के रूप में बताया। वहीं, भाजपा से जुड़े मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने इस राजनीतिक प्रतिक्रिया पर पलटवार किया। दोनों नेताओं की प्रतिक्रियाएं राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा हैं।
पुलिस का क्या कहना है?
पुलिस के अनुसार, 17 सितंबर को फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में एक कार्यक्रम को लेकर समाजवादी छात्र सभा और ABVP के सदस्यों के बीच बहस और कहासुनी हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस और क्षेत्राधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया।
रायबरेली के एसपी रवि कुमार के अनुसार, दोनों छात्र संगठनों के विवाद के बाद प्रदर्शन शुरू हुआ था। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया गया और किसी तरह के लाठीचार्ज से इनकार किया गया। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्टों में प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग का उल्लेख किया गया है।
शुक्रवार को फिर जुटे सपा कार्यकर्ता
18 सितंबर को मामला पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आया। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सपा कार्यकर्ता फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में दोबारा जुटे और पुलिस के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया। प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए सतर्कता बढ़ाई।
विवाद में अब तक क्या हुआ?
- फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज के बाहर सपा छात्र सभा का सदस्यता अभियान चल रहा था।
- अभियान के दौरान ABVP और सपा छात्र सभा के कार्यकर्ताओं में कहासुनी हुई।
- विवाद बढ़ने पर धक्का-मुक्की और नारेबाजी की स्थिति बनी।
- पुलिस के पहुंचने के बाद सपा जिलाध्यक्ष और कोतवाली प्रभारी के बीच तीखी बहस हुई।
- मामला एसपी कार्यालय तक पहुंचा, जहां दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
- पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
- सपा ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए, जबकि पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने की बात कही।
- 18 सितंबर को भी सपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
फिलहाल इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। प्रशासन की ओर से मामले की जांच और आगे की कार्रवाई पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद विवाद से जुड़े तथ्यों की तस्वीर और साफ हो सकती है।