कौन है NDA ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने वाले C. P. Radhakrishnan, जानिए उनकी पूरी कहानी

कौन है NDA ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने वाले C. P. Radhakrishnan, जानिए उनकी पूरी कहानी
कौन है NDA ने उपराष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने वाले C. P. Radhakrishnan, जानिए उनकी पूरी कहानी

नई दिल्ली: आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बड़ा ऐलान किया है। महाराष्ट्र के राज्यपाल चंद्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन (C. P. Radhakrishnan) को NDA की ओर से उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किया गया है। राधाकृष्णन का नाम आते ही सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

40 साल से अधिक का अनुभव, जमीनी नेता की छवि

1957 में तिरुपुर (तमिलनाडु) में जन्मे राधाकृष्णन ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से की थी। वे 1974 में भारतीय जनसंघ की राज्य कार्यकारिणी के सदस्य बने। इसके बाद से उन्होंने राजनीति में कई महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं।

संसद में सक्रिय भूमिका

1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए राधाकृष्णन ने संसद में टेक्सटाइल स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्षता की और पीएसयू, वित्त समिति, तथा स्टॉक एक्सचेंज घोटाले की जांच समिति में भी शामिल रहे। 2004 में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ताइवान की पहली संसदीय यात्रा का भी हिस्सा बने।

19,000 किमी की रथ यात्रा से पहचान

2004-2007 के बीच वे तमिलनाडु भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस दौरान उन्होंने 93 दिनों में 19,000 किलोमीटर की रथ यात्रा कर जनता को नदी जोड़ो योजना, आतंकवाद, समान नागरिक संहिता, अस्पृश्यता, और नशा विरोध जैसे मुद्दों पर जागरूक किया।

कोयर बोर्ड में रिकॉर्ड प्रदर्शन

कोच्चि स्थित कोयर बोर्ड के चेयरमैन रहते हुए उन्होंने ₹2,532 करोड़ के रिकॉर्ड निर्यात को अंजाम दिया। 2020 से 2022 तक वे केरल भाजपा के प्रभारी भी रहे।

राज्यपाल के रूप में सक्रिय नेतृत्व

फरवरी 2023 में झारखंड के राज्यपाल बनाए गए राधाकृष्णन ने महज 4 महीनों में सभी 24 जिलों का दौरा किया। इसके बाद उन्हें तेलंगाना, पुदुचेरी, और हाल ही में 31 जुलाई 2024 को महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई गई।

खेलों में भी रुचि

राजनीति से परे, राधाकृष्णन एक खिलाड़ी भी हैं। उन्हें टेबल टेनिस और लॉन्ग डिस्टेंस रनिंग में गहरी रुचि है, साथ ही वे क्रिकेट और वॉलीबॉल के भी शौकीन हैं। वे यूरोप, एशिया और नॉर्थ अमेरिका सहित कई देशों की यात्रा कर चुके हैं।

उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में NDA का दांव कितना कारगर?

एनडीए द्वारा राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाए जाने से साफ है कि गठबंधन एक अनुभवी, विनम्र और जमीनी नेता को उपराष्ट्रपति पद पर बैठाना चाहता है। अब देखना यह होगा कि विपक्ष इसके जवाब में क्या रणनीति अपनाता है।