
नई दिल्ली: आगामी उप-राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने मंगलवार को पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश जस्टिस सुधर्शन रेड्डी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वे एनडीए उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन के खिलाफ चुनावी मैदान में होंगे।
इस बात की घोषणा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। उन्होंने कहा कि विपक्ष एकजुट होकर एक गंभीर, प्रतिष्ठित और निष्पक्ष चेहरे को मैदान में उतारना चाहता था, और जस्टिस रेड्डी उन सभी मानकों पर खरे उतरते हैं।
NDA के पास बहुमत, लेकिन विपक्ष दिखाना चाहता है एकजुटता
एनडीए ने पहले ही महाराष्ट्र के राज्यपाल और वरिष्ठ भाजपा नेता सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया था। वे तमिलनाडु से आते हैं और भाजपा में लंबे समय से सक्रिय हैं। उनके पास आरएसएस की पृष्ठभूमि और मजबूत संगठनात्मक अनुभव है।
चूंकि उप-राष्ट्रपति चुनाव का निर्वाचक मंडल संसद के दोनों सदनों के सदस्यों से मिलकर बनता है, और भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए इसमें स्पष्ट बहुमत में है, ऐसे में सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है।
हालांकि, विपक्ष ने चुनाव में अपने उम्मीदवार को उतारकर यह संकेत देने की कोशिश की है कि वे अब हर संवैधानिक पद के चुनाव में अपनी उपस्थिति और एकता दर्ज कराना चाहते हैं।
जस्टिस सुधर्शन रेड्डी का परिचय
जस्टिस सुधर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश हैं और उन्होंने भारतीय न्यायपालिका में लंबे समय तक सेवाएं दी हैं। वे न्यायिक निष्पक्षता, विधिक समझ और संविधान के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। विपक्ष को उम्मीद है कि उनकी उम्मीदवारी इस चुनाव को सिर्फ राजनीतिक न बनाकर नैतिक और संवैधानिक विमर्श की दिशा में ले जाएगी।
जहां एक ओर एनडीए राधाकृष्णन को निर्विरोध निर्वाचित कराने की कोशिश में है, वहीं विपक्ष इस चुनाव को लोकतांत्रिक और वैचारिक मुकाबले का मंच बनाना चाहता है।
अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि विपक्ष कितना समर्थन जुटा पाता है और यह चुनाव कितनी राजनीतिक गहराई लेकर आता है। उप-राष्ट्रपति चुनाव जल्द ही संसद में कराया जाएगा।