नई दिल्ली: गणेश चतुर्थी 2025 का पर्व 27 अगस्त से देशभर में भक्तिभाव के साथ शुरू हुआ। भक्तों ने अपने घरों में गणपति बप्पा की स्थापना कर उत्सव का शुभारंभ किया। परंपरा के अनुसार, गणपति को 10 दिन तक घर में विराजमान रखा जाता है और अनंत चतुर्दशी पर विधिवत विसर्जन किया जाता है। हालांकि, कई भक्त 1.5 दिन, तीसरे, पांचवे या सातवें दिन भी बप्पा का विसर्जन करते हैं।
ऐसे में यदि आप अनंत चतुर्दशी से पहले बप्पा का विसर्जन करने की योजना बना रहे हैं, तो नीचे दिए गए शुभ मुहूर्तों (Shubh Muhurat) के अनुसार ही गणेश विसर्जन करें।
29 अगस्त 2025 (1.5 दिन गणपति विसर्जन)
- सुबह: 05:59 बजे से 10:47 बजे तक
- दोपहर: 12:22 बजे से 01:58 बजे तक
- शाम: 05:11 बजे से 06:46 बजे तक
31 अगस्त 2025 (5वें दिन गणपति विसर्जन)
- सुबह: 07:36 बजे से 12:23 बजे तक
- दोपहर: 01:57 बजे से 03:32 बजे तक
- शाम: 06:44 बजे से 10:57 बजे तक
2 सितंबर 2025 (7वें दिन गणपति विसर्जन)
- सुबह: 09:11 बजे से 01:56 बजे तक
- दोपहर: 03:31 बजे से 05:05 बजे तक
- रात: 08:06 बजे से 09:31 बजे तक
अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन (6-7 सितंबर 2025)
- अनंत चतुर्दशी शुरू: 6 सितंबर 2025 को सुबह 03:12 बजे
- समाप्त: 7 सितंबर 2025 को दोपहर 01:40 बजे
गणेश विसर्जन 6 या 7 सितंबर, दोनों दिनों में परिवार की परंपरा और सुविधा के अनुसार किया जा सकता है।
गणपति बप्पा को विदाई का भावपूर्ण क्षण
गणेश विसर्जन केवल एक धार्मिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक विदाई होती है। भक्त “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या!” के जयघोष के साथ बप्पा को विदा करते हैं और अगले वर्ष फिर से उनके स्वागत की प्रार्थना करते हैं। सही शुभ मुहूर्त में विसर्जन करने से आध्यात्मिक ऊर्जा और पूजा की पूर्णता मानी जाती है।