रायबरेली में सपा-ABVP टकराव पर अखिलेश यादव का हमला, बोले- ‘यूपी में सरकार नहीं, सजातीयवाद चल रहा है’
लखनऊ, 19 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश के रायबरेली में समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के बीच हुए विवाद ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।
फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज में हुआ विवाद
मामला रायबरेली के फिरोज गांधी डिग्री कॉलेज का है। 17 सितंबर को समाजवादी छात्र सभा की ओर से सदस्यता और जागरूकता अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान ABVP कार्यकर्ताओं के वहां पहुंचने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।
घटना के बाद समाजवादी पार्टी के रायबरेली जिलाध्यक्ष समेत कई पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इसके बाद मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंचा और पुलिस कार्रवाई को लेकर सपा नेताओं ने सवाल उठाए।
सपा ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं के साथ सख्ती की और उन्हें हटाने के दौरान धक्का-मुक्की की गई। पार्टी नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की शिकायतें सामने आई हैं और पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप किया। सोशल मीडिया पर पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने से जुड़े कुछ दावों को भी पुलिस ने गलत बताया है।
अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना
घटना को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, “उत्तर प्रदेश में सरकार नहीं, सत्ता सजातीयवाद चला रहा है।”
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग अपनी हनक दिखाने के लिए लगातार PDA यानी पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग पर हमला कर रहे हैं।
राजनीतिक बहस तेज
रायबरेली की घटना के बाद समाजवादी पार्टी और ABVP के बीच हुआ विवाद अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है। एक तरफ सपा पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रही है, वहीं पुलिस का कहना है कि उसका हस्तक्षेप कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए था।
अब मामले में प्रशासन की जांच और दोनों पक्षों की शिकायतों पर होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।