चुनाव परिणाम के बाद सीएम योगी ने मंत्रियों की लगाई क्लास, कहा फील्ड पर जाकर समस्याओं का करें समाधान

चुनाव परिणाम के बाद सीएम योगी ने मंत्रियों की लगाई क्लास, कहा फील्ड पर जाकर समस्याओं का करें समाधान
चुनाव परिणाम के बाद सीएम योगी ने मंत्रियों की लगाई क्लास, कहा फील्ड पर जाकर समस्याओं का करें समाधान

लोकसभा चुनाव परिणाम 2024 के बाद पहली कैबिनेट बैठक में आदित्यनाथ ने मंत्रियों को फील्ड में जाने, जनता से संवेदनशीलता के साथ संवाद करने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों व शासन प्रशासन से समन्वय कर समस्याओं का समाधान करने का निर्देश दिया। एक्स पर कई पोस्टों में मुख्यमंत्री कार्यालय ने कैबिनेट बैठक की झलकियां साझा कीं और उत्तर प्रदेश के मंत्रियों को आदित्यनाथ के नए निर्देशों के बारे में जानकारी दी।

आदित्यनाथ ने मंत्रियों को क्या निर्देश दिए:

1. सभी मंत्री केन्द्र व राज्य सरकार की उपलब्धियों का व्यापक प्रचार करें। सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ायें।

2. डबल इंजन सरकार की नीतियों और निर्णयों तथा उनके सकारात्मक परिणामों के बारे में जनता को शिक्षित करना।

3. सभी को, चाहे वह मंत्री हों या अन्य जनप्रतिनिधि, वीआईपी संस्कृति से बचना होगा । हमारी कोई भी गतिविधि ऐसी नहीं होनी चाहिए जिससे वीआईपी संस्कृति झलके।

4. आने वाले दिनों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, स्कूल चलो अभियान और संचारी रोग नियंत्रण के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनकी सफलता के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा । सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में इसके लिए अपना योगदान सुनिश्चित करें।

5. वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही समाप्त होने वाली है। सभी विभागों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वर्तमान बजट में उपलब्ध कराई गई धनराशि का समुचित उपयोग हो । आवंटन और व्यय में वृद्धि अपेक्षित है। विभाग स्तर पर व्यय की समीक्षा भी की जानी चाहिए। संबंधित मंत्री अपने विभागीय स्थिति की समीक्षा करें।

6. मंत्रीगण हों, अन्य जनप्रतिनिधि हों या अधिकारी/कर्मचारी हों, सभी की यह जिम्मेदारी है कि वे समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली (IGRS) पर प्राप्त आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करें। जनसुनवाई समाधान प्रणाली (IGRS एवं @CMHelpline1076) आमजन की शिकायतों/समस्याओं के सरल समाधान हेतु अत्यंत उपयोगी माध्यम है।

7. मंत्रीगण फील्ड में जाकर संवेदनशीलता के साथ जनता से संवाद करें तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं शासन-प्रशासन से समन्वय स्थापित कर समस्याओं का समाधान करें।