जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही: रियासी में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत, रामबन में तीन की जान गई

जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही: रियासी में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत, रामबन में तीन की जान गई
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से तबाही: रियासी में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत, रामबन में तीन की जान गई

रियासी/रामबन (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने एक बार फिर भारी तबाही मचाई है। रियासी जिले के महोर क्षेत्र के बड्डर गांव में शुक्रवार देर रात एक भयानक भूस्खलन में एक ही परिवार के सात लोगों की मौत हो गई। वहीं, रामबन जिले के राजगढ़ इलाके में बादल फटने से तीन लोगों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है।

रियासी हादसा: घर पर सो रहे थे सभी लोग

महोर के विधायक मो. खुर्शीद ने जानकारी दी कि बड्डर गांव में पीड़ित परिवार मिट्टी के मकान में सो रहा था, तभी अचानक हुए भूस्खलन ने पूरे घर को मलबे में तब्दील कर दिया। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए खुद बचाव कार्य शुरू किया और सभी सात शवों को मलबे से बाहर निकाला।

मृतकों की पहचान नजीर अहमद, वजीरा बेगम, बिलाल अहमद, मो. मुस्तफा, मो. आदिल, मो. मुबारक और मो. वसीम के रूप में हुई है।

रामबन में बादल फटा, तीन की मौत, एक लापता

एक अन्य घटना में, शनिवार तड़के करीब 12:30 बजे रामबन जिले के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं। एक व्यक्ति अभी भी लापता है।

केंद्रिय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा,
“अभी-अभी DC रामबन श्री मोहम्मद इलियास खान से बात की। राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की मृत्यु हो चुकी है, पांचवां लापता है। कोई घायल नहीं है। बचाव अभियान जारी है और हरसंभव मदद दी जा रही है। मैं लगातार संपर्क में हूं।”

80,000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की मांग

जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने राज्य में मूसलधार बारिश और तबाही को देखते हुए केंद्र सरकार से ₹80,000 करोड़ के राहत पैकेज की मांग की है।

उन्होंने कहा,
“इस बार जम्मू में जो तबाही हुई है, वह 2014 की कश्मीर बाढ़ से भी अधिक भयावह है। नुकसान इतना व्यापक है कि मैं प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से अपील करता हूं कि जम्मू-कश्मीर के लिए एक बड़ा राहत पैकेज घोषित किया जाए।”

हालात चिंताजनक, राहत-बचाव कार्य जारी

प्रशासन और राहत टीमें दोनों जिलों में रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। स्थानीय लोगों को संवेदनशील इलाकों से हटाया जा रहा है और अधिकारियों ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। राज्य के पर्वतीय और ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन और पानी के बहाव के कारण भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता पहुंचाई जा सके।