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Uttarakhand News: “लुटेरी दुल्हन” गिरफ्तार, कई लोगों से शादी कर वसूली ₹1.25 करोड़

Uttarakhand News: "लुटेरी दुल्हन" गिरफ्तार, कई लोगों से शादी कर वसूली ₹1.25 करोड़
Uttarakhand News: "लुटेरी दुल्हन" गिरफ्तार, कई लोगों से शादी कर वसूली ₹1.25 करोड़

उत्तराखंड की रहने वाली एक महिला, जिसे पुलिस ने “लुटेरी दुल्हन” बताया है, को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है। महिला ने पिछले एक दशक में कई लोगों से शादी की और समझौते के नाम पर ₹1.25 करोड़ वसूले। यह महिला मैट्रिमोनियल साइट्स पर शिकार की तलाश करती थी और फिर अपनी शादी के बाद उनसे पैसा वसूलती थी।

पुलिस के मुताबिक, महिला का नाम सीमा उर्फ़ निक्की है। उसने 2013 में आगरा के एक व्यवसायी से शादी की थी। शादी के कुछ समय बाद ही उसने उस व्यक्ति के खिलाफ़ मामला दर्ज कर दिया और समझौते के रूप में ₹75 लाख प्राप्त किए। इसके बाद 2017 में सीमा ने गुरुग्राम के एक सॉफ़्टवेयर इंजीनियर से शादी की। कुछ समय बाद वह उससे अलग हो गई और फिर ₹10 लाख वसूले।

सबसे ताजा मामला 2023 का है, जब सीमा ने जयपुर के एक व्यवसायी से शादी की। शादी के कुछ ही समय बाद वह उसके घर से ₹36 लाख के गहने और नकदी लेकर भाग गई। बाद में पीड़ित परिवार द्वारा मामला दर्ज कराए जाने पर जयपुर पुलिस ने सीमा को गिरफ़्तार किया।

पुलिस जांच में पता चला है कि सीमा अक्सर तलाकशुदा या अपनी पत्नी को खो चुके पुरुषों को अपना शिकार बनाती थी। अलग-अलग राज्यों में शादी कर उसने विभिन्न मामलों में सेटलमेंट के तौर पर ₹1.25 करोड़ से ज्यादा की राशि जमा की।

पुलिस अब इस महिला के बाकी मामलों की भी जांच कर रही है। महिला की गिरफ्तारी के बाद कई लोग हैरान हैं कि उसने इतने लंबे समय तक अपनी इस धोखाधड़ी की योजना को सफलतापूर्वक चलाया।

संसद सत्र खत्म होते ही BJP सांसद Pratap Chandra Sarangi और Mukesh Rajput अस्पताल से डिस्चार्ज

संसद सत्र खत्म होते ही BJP सांसद Pratap Chandra Sarangi और Mukesh Rajput अस्पताल से डिस्चार्ज
संसद सत्र खत्म होते ही BJP सांसद Pratap Chandra Sarangi और Mukesh Rajput अस्पताल से डिस्चार्ज

सवाल ये है कि एक छोटी सी चोट से सांसद सीधे ICU में कैसे भर्ती हो गए और सत्र खत्म होते ही ठीक भी हो गए। हिन्दी के बड़े लेखक है सुदामा पांडे धूमिल का कथन यथार्थ ही है कि “अपने यहां संसद- तेली की वह घानी है जिसमें आधा तेल है और आधा पानी है ” जो कि यहां सही लग रहा है। दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज करा रहे भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सरंगी और मुकेश राजपूत को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। वे दोनों पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। इन दोनों सांसदों को गुरुवार को संसद परिसर में हुए एक झगड़े के दौरान चोटें आई थीं।

बता दें कि यह झगड़ा विपक्षी दल और भाजपा सांसदों के बीच हुआ था, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई थी। इस झगड़े के दौरान भाजपा सांसदों को चोटें आईं। भाजपा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर शारीरिक हमला करने और उकसाने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि राहुल गांधी ने जानबूझकर स्थिति को और तूल दिया और इस संघर्ष में शामिल हुए।

घटना के बाद दोनों घायल भाजपा सांसदों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका इलाज किया गया। अब दोनों सांसदों की हालत स्थिर है और वे घर लौटने के लिए तैयार हैं। अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सांसदों ने मीडिया से कोई बयान नहीं दिया, लेकिन भाजपा पार्टी ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे संसद में कामकाजी माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बताया है। इस घटना के बाद से राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है, और इसे संसद के भीतर बढ़ते तनाव और संघर्षों के रूप में देखा जा रहा है।

UP Encounter: यूपी के पीलीभीत में 3 खालिस्तानी आतंकी ढेर, UP-Punjab Police का आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

UP Encounter: यूपी के पीलीभीत में 3 खालिस्तानी आतंकी ढेर, UP-Punjab Police का आतंकवाद पर कड़ा प्रहार
UP Encounter: यूपी के पीलीभीत में 3 खालिस्तानी आतंकी ढेर, UP-Punjab Police का आतंकवाद पर कड़ा प्रहार

पंजाब के गुर्दासपुर में पुलिस चौकी पर ग्रेनेड फेंकने के आरोपी तीन आतंकवादियों को उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मार गिराया गया है। पुलिस के मुताबिक, ये मुठभेड़ पिछले रात हुई थी, जब उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम ने इन आतंकवादियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की। लेकिन आतंकवादियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। घायल आतंकवादी गुरविंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह और जसनप्रीत सिंह बाद में अपनी चोटों से दम तोड़ गए।

इन आतंकवादियों के पास से दो AK सीरीज राइफलें और दो ग्लॉक पिस्टल्स बरामद किए गए हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार, ये तीनों आतंकवादी पाकिस्तान समर्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक आतंकवादी मॉड्यूल से जुड़े हुए थे। पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा, “यह आतंकवादी मॉड्यूल पंजाब के सीमा क्षेत्रों में पुलिस प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमलों में शामिल है। पीलीभीत के पुरनपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस मुठभेड़ में ये तीनों आतंकवादी गुर्दासपुर पुलिस चौकी पर हुए ग्रेनेड हमले में शामिल थे। जांच जारी है ताकि पूरी आतंकवादी मॉड्यूल का खुलासा किया जा सके।”

उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने इस मुठभेड़ को “बहादुरी” भरा काम बताते हुए पंजाब और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच अच्छे समन्वय का उदाहरण कहा। हाल ही में पंजाब में एक हफ्ते के अंदर तीन पुलिस स्टेशन को निशाना बनाया गया था, और सुरक्षा एजेंसियां खालिस्तानी आतंकवादियों के शामिल होने का शक जता रही हैं। शुक्रवार को गुर्दासपुर के बांगड़ पुलिस पोस्ट पर हमला किया गया था, जबकि मंगलवार को अमृतसर के इस्लामाबाद पुलिस स्टेशन में धमाका हुआ था। इसके अलावा, गुर्दासपुर के बक्शीवाल पुलिस पोस्ट के बाहर भी एक धमाका हुआ था, लेकिन इन धमाकों में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।

सोशल मीडिया पर एक अनवेरिफाइड पोस्ट में दावा किया गया था कि खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकवादी पीलीभीत क्षेत्र में शरण लेने के लिए आए थे, जो गुर्दासपुर से लगभग 750 किलोमीटर दूर है और यहां सिखों की एक बड़ी आबादी है। हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस ने कहा है कि उन्हें स्थानीय लोगों का पूरा सहयोग मिला।

Kolkata Airport पर शुरू हुआ ‘उड़ान यात्री कैफे’, अब सस्ते में मिलेगा खाना-पीना, जानें कीमत

Kolkata Airport पर शुरू हुआ 'उड़ान यात्री कैफे', अब सस्ते में मिलेगा खाना-पीना, जानें कीमत
Kolkata Airport पर शुरू हुआ 'उड़ान यात्री कैफे', अब सस्ते में मिलेगा खाना-पीना, जानें कीमत

हवाई अड्डों पर खाने-पीने की महंगी कीमतें अब कोलकाता के यात्रियों के लिए एक अतीत की बात बन सकती हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद राघव चड्ढा ने रविवार को कहा कि उनकी कोशिशों से कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहला ‘उड़ान यात्री कैफे’ शुरू किया गया है, जहां यात्रियों को सस्ते और सुलभ दरों पर पानी, चाय, कॉफी और नाश्ता मिलेगा।

राघव चड्ढा ने बताया कि उड़ान यात्री कैफे में चाय की कीमत ₹10 होगी। इसके अलावा पानी, कॉफी और अन्य नाश्ते भी उचित कीमतों पर उपलब्ध होंगे। चड्ढा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान हवाई अड्डों पर महंगे खाने-पीने का मुद्दा उठाया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “यह बदलाव देखकर खुशी हो रही है! शीतकालीन सत्र के दौरान हवाई अड्डों पर खाने-पीने की कीमतों के मुद्दे को उठाने के बाद, कोलकाता एयरपोर्ट पर चाय की कीमत घटाई गई है। यह हम नागरिकों के लिए एक जीत है, और मुझे इस बदलाव का हिस्सा बनने पर गर्व है। उम्मीद है कि और हवाई अड्डे इस उदाहरण का पालन करेंगे और खाने की चीजों की कीमतें और अधिक सस्ती करेंगे।”

नागर विमानन मंत्रालय ने कोलकाता एयरपोर्ट पर ‘उड़ान यात्री कैफे’ को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लॉन्च किया है। अगर इसे अच्छा प्रतिक्रिया मिलती है, तो इसे भारत के अन्य हवाई अड्डों पर भी शुरू किया जाएगा। यह पहल तब हुई जब चड्ढा ने शीतकालीन सत्र के दौरान हवाई अड्डों पर पानी, चाय और स्नैक्स जैसी बुनियादी चीजों की महंगी कीमतों का मुद्दा उठाया था।

चड्ढा ने संसद में कहा था, “एक पानी की बोतल ₹100 की मिलती है और चाय ₹200-₹250 की होती है। क्या सरकार हवाई अड्डों पर सस्ते कैंटीन स्थापित नहीं कर सकती?” इसके अलावा, चड्ढा ने हवाई अड्डों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी और भीड़-भाड़ से उत्पन्न समस्याओं पर भी चिंता जताई थी।

उन्होंने यह भी कहा, “सरकार ने वादा किया था कि चप्पल पहनने वाले लोग भी हवाई यात्रा कर सकेंगे, लेकिन अब तो जिनके पास बाटा के जूते हैं, वे भी हवाई यात्रा को महंगा पा रहे हैं।” चड्ढा ने यह भी बताया कि पिछले एक साल में हवाई यात्रा के किराए में भी भारी वृद्धि हुई है। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-पटना की उड़ानें अब ₹10,000 से ₹14,500 तक की हो गई हैं। इस कदम से अब यात्रियों को एयरपोर्ट पर महंगे खाने-पीने से राहत मिलेगी और उम्मीद की जा रही है कि इस पहल से अन्य हवाई अड्डों पर भी सुधार होगा।

Monali Thakur ने Varanasi में अपने कॉन्सर्ट को बीच में रोका कहा, आयोजकों ने चोरी किए हैं पैसे

Monali Thakur ने Varanasi में अपने कॉन्सर्ट को बीच में रोका कहा, आयोजकों ने चोरी किए हैं पैसेMonali Thakur ने Varanasi में अपने कॉन्सर्ट को बीच में रोका कहा, आयोजकों ने चोरी किए हैं पैसे
Monali Thakur ने Varanasi में अपने कॉन्सर्ट को बीच में रोका कहा, आयोजकों ने चोरी किए हैं पैसे

बॉलीवुड की मशहूर सिंगर मोनाली ठाकुर ने 22 दिसंबर को वाराणसी में हुए एक कॉन्सर्ट के दौरान अपना प्रदर्शन अचानक बीच में ही रुकवा दिया और कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। उनके टीम द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि यह कदम “सुरक्षा कारणों” के चलते उठाया गया। हालांकि, बाद में यह साफ हो गया कि मोनाली का कार्यक्रम छोड़ने का असली कारण आयोजन की खराब व्यवस्था और पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर का अभाव था, जिसे कार्यक्रम के आयोजकों ने पूरी तरह से नकारा किया।

इस विवाद में एक नया मोड़ तब आया, जब मीडिया, स्पॉन्सर्स और आयोजकों ने आरोप लगाया कि मोनाली ने अपने होटल में चार घंटे से ज्यादा समय तक किसी से भी बात नहीं की। उन्होंने न तो मीडिया से बातचीत की और न ही किसी से मुलाकात की। इससे मीडिया कर्मी भी नाराज हो गए और बिना इंटरव्यू के ही लौट गए।

इस घटना के बाद फैंस में भी काफ़ी हैरानी और चिंता देखने को मिल रही है। लोग अब यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि आखिर क्या हुआ था, जो मोनाली ने ऐसा कदम उठाया। क्या यह आयोजन की खराब व्यवस्था थी या कुछ और कारण था, इस पर अभी तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया है।

इस पूरे मामले ने मोनाली ठाकुर की इमेज को लेकर सवाल उठाए हैं और फैंस भी इस घटना को लेकर भ्रमित हैं।

Year Ender 2024: अलविदा 2024: “Ram Mandir से लेकर Gaganyaan तक” भारतीय राजनीति में अद्भुत रहा ये साल

Year Ender 2024: अलविदा 2024: “Ram Mandir से लेकर Gaganyaan तक” भारतीय राजनीति में अद्भुत रहा ये साल
Year Ender 2024: अलविदा 2024: “Ram Mandir से लेकर Gaganyaan तक” भारतीय राजनीति में अद्भुत रहा ये साल

महज़ कुछ दिन और फिर हम सब साल 2024 से 2025 की तरफ कदम बढ़ाएंगे मगर साल 2024 में कुछ ऐसी राजनीतिक घटनाएं हुई जिन्होंने इस साल को औऱ भी ज्यादा खास बनाया जिस कारण साल 2024 को राजनीतिक परिदृश्य में कई बड़ी घटनाओं के लिए याद किया जाएगा।

सबसे बड़ा लोकतांत्रिक उत्सव लोकसभा चुनाव 2024:

अगर भारतीय इतिहास में राजनीति का अध्याय याद किया जाएगा तो साल 2024 के पन्ने सुनहरे अक्षरों से अंकित होंगे क्योंकि इस साल लोकसभा चुनाव भारत के इतिहास का सबसे बड़ा चुनाव साबित हुआ, जिसमें 19 अप्रैल से 1 जून तक सात चरणों में मतदान हुआ। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस और उसके आईएनडीआईए गठबंधन ने कड़ी टक्कर दी। भाजपा ने 240 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस ने अपनी सीटों में वृद्धि करते हुए 99 सीटें प्राप्त कीं।

मोदी को हराने के लिए हुआ I.N.D.I.A संगठन का निर्माण:  

भाजपा की लगातार शानदार जीत और नरेंद्र मोदी के लगातार दो बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने के बाद अपना अस्तित्व खोने का डर देखते हुए आईएनडीआईए (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) गठबंधन का निर्माण हुआ, जिसमें 26 पार्टियां शामिल थीं, इस पार्टी ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस) को चुनौती दी। यह गठबंधन आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस जैसे दलों का मंच था। दूसरी ओर, एनडीए में 36 पार्टियां शामिल थीं, मगर अगर सही मायने में देखें तो पीएम मोदी की लोकप्रियता और जनता के बीच उनकी शानदार छवि औऱ लगातार जीत को देखते हुए यह गठबंधन मोदी बनाम I.N.D.I.A बन गया।हालांकि, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एनडीए में वापसी करना आईएनडीआईए के लिए झटका साबित हुआ।

महिला प्रतिनिधित्व और अन्य चुनावी पहल:

2024 के आम चुनावों में 74 महिला सांसद चुनी गईं। हालांकि यह संख्या 2019 के मुकाबले थोड़ी कम थी, फिर भी महिला भागीदारी की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम माना गया। साथ ही, तकनीकी साधनों का इस्तेमाल बढ़ा, जिससे पारदर्शिता में सुधार हुआ।

आखिर खत्म हुआ विवाद और पूरे उत्साह के साथ हुआ राम मंदिर का निर्माण:

लगभग 3 दशकों से जारी बाबरी मस्जिद और राम मंदिर का विवाद अंतता प्रभु राम के सबूत होने और भव्य मंदिर निर्माण के साथ खत्म हुआ। जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन भारतीय राजनीति का एक महत्वपूर्ण क्षण था। इसमें भाजपा के हिंदुत्व एजेंडे को मजबूती मिली और चुनाव प्रचार में इसे प्रमुख मुद्दा बनाया गया। इसके साथ ही, विपक्षी पार्टियों ने इस मुद्दे को सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के रूप में पेश किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक विवाद: 

2024 में भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डीपफेक विवाद बड़ा मुद्दा बना। राजनीतिक नेताओं और हस्तियों की फेक वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। इससे सरकार पर एआई रेगुलेशन लाने का दबाव बढ़ा। तकनीकी मुद्दों को लेकर भारत की स्थिति वैश्विक मंच पर भी चर्चा का विषय बनी।

गगनयान और अंतरिक्ष में भारत की उपलब्धि: 

अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने एक और उपलब्धि हासिल की। गगनयान मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजा गया। इस सफलता ने राष्ट्रीय गर्व को बढ़ाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया। यह उपलब्धि भी चुनावी चर्चाओं का हिस्सा बनी।

10 साल बाद जम्मू कश्मीर में दोबारा हुए चुनाव:

लोकसभा चुनाव 2024 में जम्मू और कश्मीर ने 35 वर्षों में सबसे अधिक मतदान प्रतिशत देखा. अब एक दशक में पहली बार होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सवाल उठ रहे थे कि क्या इस केंद्र शासित प्रदेश के लोग आगामी चुनाव में उसी उत्साह के साथ मतदान करेंगे? 2024 का विधानसभा चुनाव अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू और कश्मीर में सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच चुनाव हुए। यह चुनाव विशेष रूप से ऐतिहासिक था क्योंकि अनुच्छेद 370 हटने और राज्य का दर्जा घटने के बाद यह पहला चुनाव था। नेशनल कॉन्फ्रेंस (JKNC) ने सबसे अधिक 42 सीटें जीतीं और उमर अब्दुल्ला मुख्यमंत्री बने। 

Year Ender 2024: 2024 की सबसे बड़ी कंट्रोवर्सीज, कोलकाता रेप-मर्डर और नीट विवाद ने हलचल मचाई

2024 में भारत में कुछ ऐसे अपराध हुए जिन्होंने अपनी बर्बरता और समाज पर उनके प्रभाव के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा छेड़ी। क्रूर अपराध ऐसे घिनौने और हिंसक कृत्य होते हैं जो न केवल पीड़ितों बल्कि समाज को भी झकझोर देते हैं। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए। आइए जानते हैं 2024 में कौन से बड़े अपराध हए.

झारखंड गैंगरेप और हत्या मामला

मार्च 2024 में झारखंड में एक स्पैनिश कपल पर हमला हुआ। यह दंपति बाइक से भारत भ्रमण कर रहा था, जब कुछ अपराधियों ने महिला के साथ गैंगरेप किया और उसके पति को पीटा। घटना का वीडियो भी अपराधियों ने वायरल किया। भारत में महिलाओं को निशाना बनाकर यौन हिंसा आम बात है, खास तौर पर अल्पसंख्यक आदिवासी समुदायों की महिलाएं इस खतरे में हैं। अपराध के बारे में बोलने पर प्रतिबंध और संदिग्धों की कम सजा दर इस समस्या को और बढ़ा देती है। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया और महिला सुरक्षा के लिए कठोर कानूनों की मांग को बढ़ावा दिया।

दिल्ली नरेला रेप और मर्डर

जून में 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुए रेप और हत्या के मामले ने सभी को झकझोर दिया। आरोपी ने पहले बच्ची का अपहरण किया, फिर रेप किया और हत्या के बाद उसका चेहरा विकृत कर दिया। इस घटना ने महिला और बाल सुरक्षा के प्रति समाज की संवेदनशीलता को सवालों के घेरे में डाल दिया।

पुलिस के मुताबिक बच्ची परिवार के साथ नरेला इलाके में रहती थी। परिवार में माता-पिता के अलावा एक बड़ी बहन है। पिता सरकारी अस्पताल में सफाई का काम करते हैं। वहीं, मां घरों में साफ-सफाई का काम करती हैं। बच्ची इलाके के एक स्कूल में 5वीं क्लास में पढ़ती थी। परिवार के अनुसार बच्ची खाना खाने के बाद खेलने के लिए घर से बाहर गई थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं आने पर परिवार वालों ने उसे खोजना शुरू किया। काफी खोजबीन के बाद बच्ची के नहीं मिली तो रात करीब 12:30 बजे पिता ने बच्ची के लापता होने की जानकारी पुलिस को दी।

कोलकाता रेप और मर्डर केस

कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 9 अगस्त को एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की बॉडी मिली थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8 अगस्त को ट्रेनी डॉक्टर का रेप और मर्डर किया गया था। कोलकाता में महिला ट्रेनी डॉक्टर के रेप और मर्डर केस ने देशभर में आक्रोश की लहर पैदा कर दी थी। इस दर्दनाक और क्रूर घटना को लेकर सोशल मीडिया, सड़क और संसद में जमकर चर्चा हुई। कोलकाता रेप और मर्डर केस के बाद कई कानून भी बदले और उनपर बहसबाजी भी हुई।

उत्तराखंड नर्स हत्या

उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर से कोलकाता जैसी वारदात सामने आई है. जहां एक नर्स से रेप और लूटपाट के बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई। रुद्रपुर में जुलाई 2024 में एक नर्स का अपहरण, बलात्कार और हत्या हुई। दरअसल लापता महिला की लाश कंकाल अवस्था 8 अगस्त को यूपी के बिलासपुर जिले में झाड़ियों में पड़ी मिली थी। वह महिला अपने कार्यस्थल से लौट रही थी, जब अपराधियों ने उसे अगवा कर लिया। कई दिनों बाद उसका शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। यह घटना महिलाओं के लिए सुरक्षित कार्यस्थल की आवश्यकता को उजागर करती है।

सीरियल किलर का आतंक

गुजरात में एक साइको किलर पकड़ा गया है. ऐसा दरिंदा, जिसने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं. जवान से लेकर बुजुर्ग तक किसी को नहीं छोड़ा. एक लड़की का कत्ल किया औऱ उसकी लाश से घंटो रेप करता रहा। अक्टूबर-नवंबर के बीच एक सीरियल किलर ने 5 हत्याओं को अंजाम दिया, जिनमें से अधिकांश घटनाएं ट्रेनों में हुईं। आरोपी राहुल सिंह ने कई राज्यों में यह अपराध किए, जिससे पुलिस को काफी परेशानी हुई। अंततः उसे गुजरात के वलसाड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि कातिल राहुल सिंह जाट (29) हरियाणा के रोहतक का रहने वाला है. दरअसल, गुजरात के वलसाड में एक 19 साल की लड़की से रेप के बाद उसका कत्ल कर दिया। इसके बाद ही उसने एक के बाद एक कई सारे गुनाहों के बारे में खुद बताया। इस पूरे वाक्ये में एक चौकाने वाली बात ये रही कि हत्यारे ने अपनी गिरफ्तारी के ठीक 2 दिन पहले ही तेलंगाना में ट्रेन में एक महिला के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी।

बदलापुर स्कूल सेक्शुअल एब्यूज केस

यह घटना 14 अगस्त को सामने आई थी। इसमें महाराष्ट्र के बदलापुर के एक नामी स्कूल के सफाई कर्मचारी ने 4 साल की दो बच्चियों के साथ घिनौना काम किया था। हैरान और परेशान कर देने वाली इस घटना ने भी लोगों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया था। बदलापुर स्कूल सेक्शुअल एब्यूज केस ने लोगों का ध्यान खींचने के साथ यह भी सोचने के लिए मजबूर कर दिया था कि बच्चियां सड़क तो सड़क स्कूल, जिसे शिक्षा का मंदिर कहा जाता है, वहां भी सुरक्षित नहीं हैं।

पंजाब में बम धमाके

पंजाब में कई बम धमाकों और संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं सामने आईं। अमृतसर और रूपनगर में धमाकों ने लोगों में दहशत फैला दी। इन घटनाओं में आतंकवादी साजिशों की संभावना जताई गई। सुरक्षा में चूक और कमजोर कानून-व्यवस्था ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया।

नीट कंट्रोवर्सी

नेशनल लेवल पर आयोजित होने वाली परीक्षा नीट को लेकर भी साल 2024 में खूब विवाद देखने को मिला। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस साल कथित तौर पर यूजीसी नीट परीक्षा में 1563 उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देकर पास किया गया था। वहीं जब यह बात सामने आई तो परीक्षा में धांधली के आरोप लगे और इसे रद्द करने की मांग भी हुई। नीट परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया से लेकर सड़क पर बवाल देखने को मिला था।

Year End Story: खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा 2024 का साल, Cricket से लेकर Olympics तक भारत ने गाड़ा तिरंगा

Year End Story: खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा 2024 का साल, Cricket से लेकर Olympics तक भारत ने गाड़ा तिरंगा
Year End Story: खेल प्रेमियों के लिए यादगार रहा 2024 का साल, Cricket से लेकर Olympics तक भारत ने गाड़ा तिरंगा

भारतीय खेल प्रेमियों के लिए 2024 का साल हमेशा के लिए याद रखने वाला रहा है। इस साल में भारत ने अपने फैन को बिलकुल भी निराश नहीं किया औऱ लगभग खेल के हर फॉरमैट में अपना सर्वश्रेष्ट दिया है।

क्रिकेट में नए रिकॉर्ड-

दिसंबर अब खत्म होने वाला है और ये साल अब धीरे-धीरे अंत की ओर बढ़ रहा है। 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में हार के गम की छाया लेकर शुरू हुए इस साल से भारतीय क्रिकेट फैंस को काफी उम्मीदें थी जो कि आखिरकार 29 जून 2024 को पूरी हो गई जब भारतीय क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज और यूएसए में आयोजित किए गए टी20 वर्ल्ड कप 2024 के खिताब को अपने नाम किया। भारत ने 17 साल बाद टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।  वनडे और टी20 फॉर्मेट में टीम ने कई यादगार जीत हासिल की। इसके अलावा, महिला क्रिकेट टीम ने भी बड़े टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी, जिससे क्रिकेट में महिलाओं की भागीदारी को प्रोत्साहन मिला। यह साल आईपीएल और महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के माध्यम से क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले गया।

भारत और द.अफ्रीका के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला काफी रोमांचक था और इसमें भारत द्वारा दिए गए 176 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए द.अफ्रीका की टीम एक समय जीत के करीब थी और उन्हें 30 गेंदों पर केवल 30 रन बनाने थे लेकिन भारत ने हार नहीं मानी और पहले हेनरी क्लासेन को आउट किया वहीं आखिरी ओवर में सूर्यकुमार यादव ने अपने करियर का सबसे महत्वपूर्ण कैच पकड़कर मिलर को पवेलियन भेजा और भारत ने 7 रनों से मैच जीत लिया। इसके साथ ही दिग्गज खिलाड़ी रोहित शर्मा औऱ विराट कोहली ने T-20 वर्ल्ड कप से सन्यास ले लिया।

पेरिस 2024 ओलंपिक में ऐतिहासिक प्रदर्शन

भारत ने पेरिस ओलंपिक 2024 में छह पदक जीते। इनमें नीरज चोपड़ा का एथलेटिक्स में लगातार दूसरी बार पदक जीतना और मुक्केबाजी, बैडमिंटन, तथा हॉकी जैसे खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन शामिल है। हालांकि, यह संख्या टोक्यो 2020 की तुलना में कम थी, लेकिन खिलाड़ियों की मेहनत और समर्पण ने देश का गौरव बढ़ाया।

पैरालंपिक में सुमित अंतिल का नया रिकॉर्ड

देश को गर्व की अनुभूती करान में पैरालंपिक खिलाड़ियों ने भी कोई सकर नहीं छोड़ी। अपने शानदार औऱ अविस्मरणीय प्रदर्शन से पेरिस पैरालंपिक 2024 में, सुमित अंतिल ने भाला फेंक (F64) में 70.59 मीटर का थ्रो करके स्वर्ण पदक जीता और अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा। साथ ही, मरियप्पन थंगावेलु ने लगातार तीन पैरालंपिक में पदक जीतने का इतिहास रचते हुए कांस्य पदक हासिल किया। भारत ने कुल 27 पदक जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

बैडमिंटन और टेबल टेनिस में उभरते सितारे

क्रिकेट की जितनी लोकप्रियता भारत में हैं उतनी ही लोकप्रियता देश के खेल प्रेमियों की बैडमिंटन में होती जा रही है। इसका कारण है पीवी सिंधु जैसी खिलाड़ियों का लगाताश शानदार प्रदर्शन। इस साल  लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए नई पीढ़ी के खिलाड़ियों ने विश्व स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने कॉमनवेल्थ और एशियन चैंपियनशिप में पदक जीते, जो इस खेल में भारत की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।

युवा प्रतिभाओं का उभरना

2024 में कई युवा खिलाड़ियों ने विभिन्न खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। जैसे शीतल देवी, जिन्होंने तीरंदाजी में विश्व रिकॉर्ड बनाया और पैरालंपिक में पदक जीता। अन्य युवा खिलाड़ी जैसे प्राची चौहान और अनिकेत शर्मा ने भी विभिन्न खेल आयोजनों में शानदार प्रदर्शन करके भविष्य के लिए उम्मीदें जगाईं।

खेलों में तकनीकी नवाचार

2024 में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और अन्य संगठनों ने तकनीकी नवाचारों का उपयोग करते हुए प्रशिक्षण प्रक्रिया को उन्नत किया। खेलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की। इन तकनीकों ने खिलाड़ियों की फिटनेस, रणनीति, और मानसिक मजबूती को बढ़ाने में मदद की जिसका परिणाम है कि आज भारत कई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहा है और देश का नाम रौशन कर रहा है।

2024 की 10 ब्लॉकबस्टर फिल्में जिन्होंने लोगों को दिया भरपूर मनोरंजन, देखें पूरी लिस्ट

2024 की 10 ब्लॉकबस्टर फिल्में जिन्होंने लोगों को दिया भरपूर मनोरंजन, देखें पूरी लिस्ट
2024 की 10 ब्लॉकबस्टर फिल्में जिन्होंने लोगों को दिया भरपूर मनोरंजन, देखें पूरी लिस्ट

साल 2024 भारतीय सिनेमा के लिए एक ऐतिहासिक और यादगार साल साबित हुआ। इस साल कई फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनाए, बल्कि दर्शकों के दिलों में भी अपनी खास जगह बनाई। हिंदी, तेलुगु, कन्नड़, और तमिल सहित विभिन्न भाषाओं की फिल्मों ने अपनी शानदार कहानियों, बेहतरीन अभिनय, और तकनीकी उत्कृष्टता से दुनियाभर में धमाल मचाया। इन फिल्मों ने भारतीय फिल्म इंडस्ट्री को एक नई पहचान दी और वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी झंडे गाड़े। आइए, जानते हैं 2024 की उन 10 फिल्मों के बारे में, जिन्होंने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए इतिहास रच दिया।

कल्कि

प्रभास, दीपिका पादुकोण और अमिताभ बच्चन जैसे सितारों की मौजूदगी वाली इस फिल्म ने साल में जबरदस्त कमाई की है. फिल्म का निर्देशन नाग अश्विन ने किया। दुनियाभर में लगभग 8500 स्क्रीन्स पर रिलीज की गई ‘कल्कि 2898 AD’ का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार था। तमिल, तेलुगू, कन्नड़, मलयालम और हिंदी जैसी पांच भाषाओं में बनी इस फिल्म की एडवांस बुकिंग ने 55 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यही वजह है कि हैदराबाद में सुबह 5:30 बजे के शोज हो या मुंबई में आठ बजे के, दर्शकों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिल रही थी। साउथ के जाने-माने निर्देशक नाग अश्विन की इस भव्य बजट और महत्वाकांक्षी फिल्म में प्रभास, अमिताभ बच्चन, दीपिका पादुकोण और कमल हासन समेत दिग्गज कलाकारों का मेला-सा लगा है। इसमें कोई शक नहीं की विज्ञान और पुराण का यह अनूठा संगम दर्शकों के लिए किसी विजुअल वंडर से कम नहीं रहा।

स्त्री-2 (सरकटे का आतंक)

साल 2024 में इस फिल्म के साथ कई हिट फिल्में रिलीज़ हुईं लेकिन इसके बावजूद ‘स्त्री 2’ को कोई फिल्म पछाड़ नहीं पाई। फिल्म पहले ही 500 करोड़ रुपये के क्लब में शामिल होकर इतिहास रच चुकी है। इस फिल्म ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बंपर ओपनिंग ली थी। ‘स्त्री 2’ ने प्री पेड प्रीव्यू में 8.5 करोड़ रुपये और पहले दिन 51.8 करोड़ रुपये के साथ खाता खोला था। इसके साथ फिल्म ने पहले हफ्ते में 291.65 करोड़ रुपये की कमाई की थी। वहीं दूसरे हफ्ते में प्रवेश करते हुए फिल्म ने अपनी दमदार कमाई जारी रखी। फिल्म ने दूसरे हफ्ते भी जबर्दस्त प्रदर्शन करते हुए 141.4 करोड़ रुपये की धुंआधार कमाई की।

महाराजा

साल 2024 में आने वाली ब्लॉकवसटर्ड फिल्मों की सूची में महाराजा का तीसरा स्थान है जो अपने आप में साउथ की फिल्मों की एक शानदार मिसाल भी है। इस फिल्म को देखने के बाद यही बात जेहन में आती है कि हिंदी में है तो बॉलीवुड इसका रीमेक नहीं बना पाएगा। विजय सेतुपती और मशहूर डायरेक्टर अनुराग कश्यप की इस फिल्म ने जबरदस्त कमाई की है। यह फिल्म अब तक चीन के कई सिनेमाघरों में खूब धूम मचा रही है। फिल्म का निर्देशन नितिलन सामीनाथन ने किया है। इस फिल्म ने ये सिद्ध कर दिया की साउथइंडियन सिनेमा भी किसी से कम नहीं है।

शैतान

इस फिल्म में लोगों को अपना दीवाना बना दिया है। काला जादू, टोना-टोटका, वशीकरण, असुरी शक्तियां, ये सब हमेशा से बहस के विषय रहे हैं। इनका कोई प्रमाण नहीं है। पढ़े-लिखे लोग इसे अंधविश्वास मानते हैं, लेकिन शायद ही कोई परिवार होगा, जिसने अपने बच्चों की नजर नहीं उतारी होगी। अजय देवगन की नई फिल्म का ‘शैतान’ कहता है कि जरूरी नहीं कि जो दिखता नहीं है, वो होता भी नहीं है। फिल्म का केंद्र यही काला जादू है जो एकाएक एक हंसते-खेलते परिवार की जिंदगी में भूचाल ला देता है।

फाईटर

26 जनवरी रिपब्लिक डे से पहले 25 जनवरी को सिनेमाघरों में ऋतिक रोशन, दीपिका पादुकोण और अनिल कपूर स्टारर मचअवेटेड फिल्म फाइटर रिलीज हुई, वही फिल्म का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखने गए फैंस ने अपनी जेबें भी खूब ढीली की थी। इसके चलते सोशल मीडिया पर फाइटर फर्स्ट डे फर्स्ट शो ट्रैंड कर रहा है और लोग रिएक्शन देते हुए नजर आ रहे हैं।

मंजुमेल बॉयज

छठे नंबर पर मलयालम फिल्म मंजुमेल बॉयज है जैसा कि सभी जानते हैं मलयालम फिल्में कंटेंट के लिए मशहूर है. ये एक थ्रिलर फिल्म है जिसे 6ठें नंबर पर जगह मिली है. मंजु मल बॉयज एक रियल लाइफ स्टोरी पर बेस्ड है, जो तमिलनाडु के जंगलों में स्थित गुना  की सच्ची घटनाओं पर बनी है। इस फिल्म ने भारतीय थ्रिलर सिनेमा को पसंद करने वालो को खूब लुभाया जिससे इन्हें फायदा भी मिला जिसके कारण ही आज ये 6वें नं. पर शामिल हुई है।

‘भूल भुलैया 3’

कार्तिक आर्यन की ‘भूल भुलैया-3’ बॉक्‍स ऑफिस पर अपने सुनहरे दौर में है। दिवाली के मौके पर रिलीज ‘सिंघम अगेन’ से क्‍लैश में इस फिल्‍म ने बाजी मार ली है। 150 करोड़ के बजट में बनी इस हॉरर-कॉमेडी ने महज 12 दिनों में 58.25 करोड़ का मुनाफा कमा लिया था। लेकिन मजेदार बात ये भी है कि कमाई के लिहाज से यह अजय देवगन की फिल्‍म सिंघम 3 से ना तो बहुत आगे है और ना ही दोनों की कमाई में कोई बड़ा अंतर था। बॉक्‍स ऑफिस पर बीते 7 दिनों से दोनों फिल्‍मों के बीच ‘तू डाल डाल, मैं पात पात’ जैसा खेल चलता रहा था।

किल

राघव जुयाल और लक्ष्य की फिल्म किल का साल 2024 की एक्शन फिल्मों में काफी जिक्र रहा है IMDb पर भी पॉपुलर फिल्मों में ये छा गई है. 7.6 की शानदार रेटिंग के साथ ये फिल्म 8वें नंबर पर है. अगर आप इसे अब देखना चाहते हैं तो हॉटस्टार पर देख सकते हैं।

Who is Santa Claus and where is he from? सांता क्लॉस कौन हैं और कहां से हैं?

Who is Santa Claus and where is he from? सांता क्लॉस कौन हैं और कहां से हैं?
Who is Santa Claus and where is he from? सांता क्लॉस कौन हैं और कहां से हैं?

सांता क्लॉस एक प्रसिद्ध और प्यारा पात्र है, जो खासकर क्रिसमस के समय बच्चों को उपहार देने के लिए जाने जाते हैं। बच्चों के बीच उनका नाम बहुत ही प्रिय है, और वे उन्हें अच्छे व्यवहार के बदले उपहार देने के रूप में प्रसिद्ध हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सांता क्लॉस वास्तव में कौन हैं, कहां से आते हैं और उनका असली घर कहां है? आइए जानते हैं इस बारे में विस्तार से।

सांता क्लॉस का इतिहास

सांता क्लॉस का इतिहास बहुत पुराना है। उनका नाम और रूप समय के साथ बदलते गए हैं, लेकिन वे हमेशा एक दयालु और खुशमिजाज शख्सियत के रूप में ही जानी जाते हैं। सांता क्लॉस का असली रूप संत निकोलस से जुड़ा हुआ है, जो चौथी शताब्दी में तुर्की के मिरा नामक शहर में रहते थे। संत निकोलस गरीबों को गुपचुप तरीके से तोहफे देते थे और उनकी मदद करते थे, यही कारण था कि उन्हें बच्चों का संरक्षक माना जाता है।

सांता क्लॉस का असली घर

आज के समय में सांता क्लॉस का घर “उत्तर ध्रुव” यानी आर्कटिक सर्कल के पास बताया जाता है, जो Finland के Lapland क्षेत्र में स्थित है। यह वह जगह है जहां सांता क्लॉस अपने सहायकों के साथ रहते हैं और पूरे साल भर क्रिसमस के उपहार तैयार करते हैं। माना जाता है कि यहीं पर सांता क्लॉस का प्रसिद्ध “सांता क्लॉस विलेज” भी है, जहां हर साल लाखों लोग, खासकर बच्चे, उनसे मिलने और उनके गांव की सैर करने आते हैं।

सांता क्लॉस का रूप और उनकी पहचान

सांता क्लॉस का जो रूप आज हम जानते हैं, वह 19वीं शताबदी में प्रसिद्ध हुआ। उनका लाल रंग का कपड़ा, सफेद दाढ़ी और मोटा शरीर एक आकर्षक और हंसमुख रूप प्रस्तुत करते हैं। सांता क्लॉस के साथ एक बैग भी होता है, जिसमें वे बच्चों के लिए तोहफे भरकर लाते हैं। वे अपनी मंगनाल या उड़ने वाली गाड़ी ‘रेनडियर’ (हिरण) से यात्रा करते हैं, जिनकी मदद से वे पूरी दुनिया में फैले बच्चों के घरों में क्रिसमस की रात को उपहार देते हैं।

सांता का वाहन आमतौर पर एक स्लेज या बग्गी जैसा होता है, जिसमें 8 या 9 उड़ने वाले हिरण होते हैं। उनके सबसे प्रसिद्ध हिरण का नाम ‘Rudolph’ है, जिसके नथुने की चमक के कारण वे रात में रास्ता दिखाने में मदद करता है।

सांता क्लॉस की विशेषताएँ और उनके बारे में बातें

  • सांता क्लॉस की दाढ़ी बहुत बड़ी और सफेद होती है, जो उनके पुराने और अनुभव से भरपूर व्यक्तित्व को दर्शाती है।
  • वे हमेशा अच्छे बच्चों को उपहार देते हैं, और बुरे बच्चों को “कोयला” देने की परंपरा है।
  • सांता क्लॉस की शख्सियत से बच्चों को यह सिखाया जाता है कि अगर वे अच्छे काम करेंगे, तो उन्हें अच्छे तोहफे मिलेंगे।

क्या सांता क्लॉस असली हैं?

हालांकि बहुत से लोग मानते हैं कि सांता क्लॉस असली नहीं हैं और यह सिर्फ एक कल्पना है, लेकिन बच्चों के लिए उनका अस्तित्व और कहानी खास महत्व रखती है। सांता क्लॉस क्रिसमस के समय में दुनिया भर में खुशियां फैलाने का काम करते हैं। उनका अस्तित्व बच्चों के लिए विश्वास, खुशी और प्यार का प्रतीक है।

अंत में

तो, इस प्रकार सांता क्लॉस एक बेहद प्यारे और मशहूर पात्र हैं, जिनका इतिहास सदियों पुराना है और उनका असली घर Finland के Lapland क्षेत्र में है। चाहे वे असली हों या नहीं, सांता क्लॉस की कहानी और उनके साथ जुड़े प्रतीक हर साल क्रिसमस के दौरान लोगों को खुशियों से भर देते हैं। वे हमें यह सिखाते हैं कि प्यार, दयालुता और अच्छे कामों का महत्व हमेशा बरकरार रहता है।