उमा भारती ने चुनाव लड़ने का दिया संकेत, कहा- “सेवा के लिए पूरी तरह से तैयार हूं”

उमा भारती ने चुनाव लड़ने का दिया संकेत, कहा-
उमा भारती ने चुनाव लड़ने का दिया संकेत, कहा- "सेवा के लिए पूरी तरह से तैयार हूं"

भोपाल: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने एक बार फिर अपने बयान से सभी को चौंका दिया है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान सेवानिवृत्ति की उम्र और चुनावी राजनीति में उनके भविष्य को लेकर चल रही चर्चा पर उन्होंने अपनी राय दी। उन्होंने संकेत दिया कि वह चुनाव में उतरने के लिए तैयार हैं, लेकिन सिर्फ तभी जब वह खुद को इसके लिए तैयार महसूस करें।

“राजनीति में योगदान की उम्र तय नहीं”

उमा भारती ने कहा कि कोई भी संगठन, राजनीतिक दल या संस्था सेवानिवृत्ति की आयु तय कर सकती है, लेकिन योगदान की उम्र तय नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, राजनीति एक ऐसा मंच है जहां व्यक्ति की क्षमता और योगदान ही उसकी असली पहचान होती है।

“चुनाव लड़ना अभी मेरी प्रतिबद्धता के खिलाफ है”

उमा भारती ने इस बात पर भी जोर दिया कि वर्तमान समय में चुनाव लड़ना उनके लिए एक बाधा है। उन्होंने कहा कि अगर वह संसद के चुनावों में उतरती हैं, तो उनकी जिम्मेदारी होगी कि वह जनता की समस्याओं का समाधान करें और उन्हें सेवा दें। अगर वह मंत्री बनती हैं तो एक और बड़ी जिम्मेदारी होगी, जिसके चलते वह अपने मौजूदा काम को सही तरीके से पूरा नहीं कर पाएंगी। उन्होंने कहा, “मैं अपनी प्रतिबद्धता के प्रति बहुत ईमानदार हूं। अगर मैं सांसद बन गई तो अपना पूरा समय जनता को दूंगी।”

“सत्ता के लिए किसी वस्तु की ज़रूरत नहीं”

उमा भारती ने इस बात को भी स्पष्ट किया कि सत्ता हासिल करने के लिए उन्हें किसी वस्तु की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता की शक्ति और उनका समर्थन ही उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा, “मैं स्पष्ट लक्ष्यों और दृढ़ संकल्प वाली शख्सियत हूं। अगर चुनाव लड़ने से यह लक्ष्य पूरा होता है, तो मैं लड़ूंगी, अगर नहीं होता है, तो नहीं लड़ूंगी।”

क्या है उमा भारती की राजनीति में भूमिका?

उमा भारती मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री हैं और भारतीय राजनीति में एक मजबूत पहचान रखती हैं। उन्होंने सांसद और मंत्री के रूप में भी लंबे समय तक कार्य किया है। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों और उनके बयानों ने हमेशा देश की राजनीति को प्रभावित किया है। उमा भारती की राजनीति में एक ऐसी शख्सियत है जो हमेशा अपने सिद्धांतों और आत्मनिर्भरता के लिए जानी जाती हैं।

उमा भारती का यह बयान यह साफ करता है कि उन्होंने चुनाव लड़ने या न लड़ने का फैसला अपने कर्मों और प्रतिबद्धताओं के आधार पर ही करना है। उनके लिए राजनीति केवल सत्ता की दौड़ नहीं, बल्कि जनता की सेवा है। हालांकि, उनके इस बयान ने यह भी स्पष्ट किया कि वह समय आने पर राजनीति में और अधिक सक्रिय हो सकती हैं।