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‘Udaipur Files’ पर सरकार ने भी लगाया रोक, 6 बदलावों के बाद ही होगी फिल्म की रिलीज

'Udaipur Files' पर सरकार ने भी लगाया रोक, 6 बदलावों के बाद ही होगी फिल्म की रिलीज
'Udaipur Files' पर सरकार ने भी लगाया रोक, 6 बदलावों के बाद ही होगी फिल्म की रिलीज

नई दिल्ली: अभिनेता विजय राज की फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह फिल्म की कहानी या अभिनय नहीं, बल्कि कानूनी लड़ाई और सरकारी हस्तक्षेप है। वर्ष 2022 में कन्हैया लाल साहू हत्याकांड पर आधारित इस फिल्म की रिलीज को लेकर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका था। अब केंद्र सरकार की ओर से गठित समिति ने फिल्म में छह महत्वपूर्ण बदलावों की सिफारिश की है।

क्या हैं सरकार द्वारा सुझाए गए 6 बदलाव?

एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार की समिति ने फिल्म में निम्नलिखित संशोधन और हटाव की सिफारिश की है:

  1. डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) में बदलाव: फिल्म निर्माताओं को मौजूदा डिस्क्लेमर हटाकर एक संशोधित और संतुलित डिस्क्लेमर लगाने के लिए कहा गया है।
  2. क्रेडिट फ्रेम में से कुछ नाम हटाने का सुझाव: जिन व्यक्तियों को फिल्म में विशेष आभार दिया गया है, उनके नाम हटाने की सलाह दी गई है।
  3. AI-निर्मित दृश्य में बदलाव: एक सऊदी अरब शैली की फांसी को दर्शाता हुआ AI-जनरेटेड सीन हटाने या संशोधित करने की सिफारिश की गई है।
  4. ‘नूपुर शर्मा’ नाम वाले किरदार से संबंधित सभी संदर्भ हटाने: फिल्म में मौजूद इस नाम को हटाकर नया नाम इस्तेमाल करने को कहा गया है।
  5. धार्मिक ग्रंथों से संबंधित संवाद हटाने: ‘नूपुर शर्मा’ से जुड़ा एक धार्मिक ग्रंथों को लेकर बोला गया डायलॉग भी फिल्म से हटाने की सिफारिश की गई है।
  6. बलोच समुदाय को लेकर संवाद हटाने: फिल्म में बलोच समुदाय से जुड़े कुछ संवाद हटाने की भी सिफारिश की गई है।

पूरा मामला क्या है?

‘उदयपुर फाइल्स’ फिल्म उसी दिल दहला देने वाली घटना पर आधारित है जिसमें राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी। फिल्म के रिलीज के खिलाफ आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें दलील दी गई कि फिल्म के ज़रिए न्यायिक प्रक्रिया पर असर डाला जा सकता है और सामाजिक तनाव बढ़ने की आशंका है।

याचिकाकर्ताओं ने फिल्म के ट्रेलर और प्रचार सामग्री पर भी आपत्ति जताई थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म निर्माताओं से कहा था कि वे केंद्र सरकार की समिति की रिपोर्ट का इंतज़ार करें। अब समिति की सिफारिशें सामने आ चुकी हैं।

जनता में मिली-जुली प्रतिक्रिया

फिल्म को लेकर जनता के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यह फिल्म सच्चाई को सामने लाने का साहसिक कदम है, जबकि अन्य इसे न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करार दे रहे हैं।

क्या होगी अगली प्रक्रिया?

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म निर्माता समिति द्वारा सुझाए गए सभी बदलावों को स्वीकार करते हैं या नहीं। अगर हां, तो फिल्म की रिलीज को हरी झंडी मिल सकती है। अगर नहीं, तो मामला और लंबा खिंच सकता है।

फिलहाल, ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज की तारीख सरकार की सिफारिशों और फिल्म निर्माताओं की अगली कार्रवाई पर निर्भर करती है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।