नवरात्रि 2025 में अगर नौ कन्या ना मिले तो क्या करें, जानिए पूजन की विधि, महत्व और तिथि

नवरात्रि 2025 में अगर नौ कन्या ना मिले तो क्या करें, जानिए पूजन की विधि, महत्व और तिथि

नवरात्रि 2025 में अगर नौ कन्या ना मिले तो क्या करें, जानिए पूजन की विधि, महत्व और तिथि

नई दिल्ली: नवरात्रि के नौ दिनों में देवी शक्ति की उपासना की जाती है और अंत में दशहरा पर्व मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। कन्याओं को देवी दुर्गा का स्वरूप माना जाता है, जो घर आकर भोजन ग्रहण करती हैं और माता की कृपा प्रदान करती हैं।

नवरात्रि में 2 से 10 वर्ष की कन्याओं की पूजा की जाती है, क्योंकि इन्हें मां दुर्गा के नौ रूपों का प्रतीक माना जाता है। व्यस्त जीवनशैली के कारण कई बार लोग पूजन पूरी विधि-विधान से नहीं कर पाते, जिससे पूजा का प्रभाव कम हो जाता है। लेकिन यदि सभी संस्कारों के साथ कन्या पूजन किया जाए तो माता की असीम कृपा बनी रहती है।

नवरात्रि 2025 में कन्या पूजन की तिथि

इस वर्ष कन्या पूजन 30 सितंबर (महा अष्टमी) और 1 अक्टूबर (महा नवमी) को किया जाएगा। अष्टमी को देवी महागौरी और नवमी को देवी सिद्धिदात्री की पूजा के बाद कन्या पूजन का आयोजन होता है।

कन्या पूजन का महत्व

कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व माना जाता है। नौ कन्याएं माता के नौ रूप हैं, और साथ में एक लड़का (लंगूर) भगवान भैरव का प्रतीक होता है।

कन्या पूजन की सही विधि

  • कन्याओं का चयन: 2 से 10 वर्ष की नौ कन्याओं और एक लड़के (लंगूर) को आमंत्रित करें।
  • स्वागत: सबसे पहले उनके पैर धोएं और साफ आसन पर बैठाएं।
  • पूजन: कन्याओं के माथे पर रोली और अक्षत से तिलक लगाएं, माउली बांधें और फूल चढ़ाएं।
  • भोजन: पारंपरिक भोजन जैसे पूरी, चना और हलवा परोसें।
  • दक्षिणा और उपहार: भोजन के बाद कन्याओं को फल, कपड़े, खिलौने या दक्षिणा दें।
  • विदाई: दिल से स्नेह दिखाएं, कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और सम्मान के साथ विदा करें।

अगर नौ कन्याएं न मिल पाएं तो क्या करें?

अगर नौ कन्याएं एक साथ नहीं आ पातीं तो कम संख्या में कन्याओं के साथ पूजन किया जा सकता है। शास्त्रों के अनुसार, शेष कन्याओं की जगह गाय को भोजन करवाना भी समान फलदायी होता है। नवरात्रि के इस पावन पर्व पर कन्या पूजन करके आप अपने परिवार पर मां दुर्गा की अपार कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।

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