अयोध्या राम मंदिर दान चोरी मामला: CCTV फुटेज, काला बैग और जेल में पूछताछ से उठे नए सवाल
लखनऊ: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की रकम में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच तेज हो गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंदिर के लिए मिले दान का कथित तौर पर कैसे दुरुपयोग किया गया।
मंगलवार को अयोध्या पुलिस ने कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद जिला जेल में बंद मुख्य आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला से पूछताछ की। यह पूछताछ सिटी सर्किल ऑफिसर आशुतोष तिवारी ने की।
दान की रकम गिनने में थी अहम भूमिका
जांच एजेंसियों के अनुसार, अविनाश शुक्ला मंदिर में आने वाले दान की रकम की गिनती और हिसाब-किताब से जुड़े काम में शामिल थे। पुलिस को शक है कि नकदी के मिलान और रिकॉर्ड रखने की प्रक्रिया में कुछ अनियमितताएं हुईं, जिससे पैसे के कथित गबन का रास्ता बना।
CCTV फुटेज की जांच जारी
पुलिस की जांच का एक बड़ा हिस्सा CCTV फुटेज पर केंद्रित है। जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि दान की रकम गिनते समय शुक्ला कई बार कैमरे के ठीक सामने खड़े दिखाई दिए।
जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या ऐसा जानबूझकर किया गया था, जिससे कैमरे कुछ महत्वपूर्ण गतिविधियों को रिकॉर्ड न कर सकें।
वायरल CCTV में दिखा काला बैग
मामले ने नया मोड़ तब लिया जब पुलिस को 5 जून की CCTV फुटेज मिली। बताया जा रहा है कि इसमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कुछ अधिकारी और पुलिस की वर्दी में कुछ लोग अविनाश शुक्ला के घर पर जांच करते दिखाई देते हैं।
फुटेज में कथित तौर पर शुक्ला एक काला बैग लेकर घर से निकलते नजर आते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस बैग में दान की रकम का कोई हिस्सा था। हालांकि, पुलिस अभी इस संबंध में सबूतों की पुष्टि कर रही है।
पूछताछ में क्या-क्या पूछा गया?
पुलिस ने अविनाश शुक्ला से कई अहम सवाल किए, जिनमें शामिल हैं:
- मंदिर के दान की गिनती की प्रक्रिया
- नकदी के हिसाब-किताब का तरीका
- दान की रकम को रखने और ले जाने की व्यवस्था
- कर्मचारियों की जिम्मेदारियां
- अन्य आरोपियों की भूमिका
जांच एजेंसियां पूरे घटनाक्रम को जोड़कर यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि कथित वित्तीय गड़बड़ी कैसे हुई।
अन्य आरोपियों से भी होगी पूछताछ
इस मामले में फिलहाल आठ लोग न्यायिक हिरासत में हैं। इनमें शामिल हैं:
- रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू
- अनुकल्प मिश्रा
- करुणेश पांडेय
- मनीष यादव
- लवकुश मिश्रा
- रामाशंकर मिश्रा
- सुभाष श्रीवास्तव
पुलिस ने कहा है कि कोर्ट की अनुमति मिलने के बाद सभी आरोपियों से चरणबद्ध तरीके से जेल में पूछताछ की जाएगी।
जांच जारी
पुलिस CCTV फुटेज, वित्तीय दस्तावेज, दान रजिस्टर, नकदी मिलान रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों की जांच कर रही है। अधिकारियों का लक्ष्य यह पता लगाना है कि कथित घोटाला कितना बड़ा था और इसमें प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस इलेक्ट्रॉनिक सबूतों तथा वित्तीय रिकॉर्ड के आधार पर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रही है।sh how the alleged misappropriation of Ram Temple donations took place and whether additional individuals were involved.












