
हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने पर अखिलेश यादव ने प्रशासन पर उठाए सवाल, बोले- “हेलीपैड और मौसम केवल विपक्ष के लिए ही क्यों खराब होता है?”
बुलंदशहर: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के 11 सितंबर को प्रस्तावित बुलंदशहर दौरे को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस लाइन मैदान में हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने के बाद सपा और प्रशासन आमने-सामने आ गए हैं। प्रशासन की ओर से मैदान में पानी भरने और सुरक्षा मानकों का हवाला दिया गया है, जबकि अखिलेश यादव ने इन दावों पर सवाल उठाते हुए कार्यक्रम रद्द कराने का बहाना बताया है।
हेलीपैड पर जलभराव को लेकर विवाद
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर बुलंदशहर के प्रस्तावित हेलीपैड का वीडियो साझा करते हुए प्रशासन के दावे पर सवाल उठाया। उनका कहना है कि हेलीपैड के आसपास दूर-दूर तक जलभराव नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमेंट, गारा और पेवर ब्लॉक्स का हवाला देकर उनके कार्यक्रम को रद्द कराने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव ने मांग की कि सपा पदाधिकारियों की मौजूदगी में किसी निष्पक्ष तकनीकी विशेषज्ञ से हेलीपैड की जांच कराई जाए, ताकि मौके की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वह सड़क मार्ग से बुलंदशहर पहुंचते हैं तो क्या एक्सप्रेसवे, हाईवे या सड़क की खराब स्थिति को भी उनके दौरे में बाधा बताया जाएगा।
अखिलेश ने तंज करते हुए कहा कि “हेलीपैड और मौसम केवल विपक्ष के लिए ही क्यों खराब होता है?” उनके इस बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गया है।
प्रशासन ने क्या कहा?
वहीं, प्रशासन ने सपा प्रमुख के आरोपों को खारिज करते हुए हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं देने के पीछे सुरक्षा और तकनीकी कारण बताए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पुलिस लाइन मैदान में हेलीकॉप्टर लैंडिंग को लेकर तकनीकी रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच में मैदान को सुरक्षित लैंडिंग के अनुकूल नहीं पाया गया। वीवीआईपी सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर की लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई।
सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से भी मैदान में पानी भरे होने को अनुमति नहीं देने की वजह बताया गया है।
रद्द हुआ अखिलेश यादव का बुलंदशहर दौरा
हेलीकॉप्टर लैंडिंग की अनुमति नहीं मिलने के बाद अखिलेश यादव का 11 सितंबर का प्रस्तावित बुलंदशहर दौरा रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद स्थानीय समाजवादी पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी सामने आई है।
सपा की ओर से जहां प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं प्रशासन का कहना है कि फैसला सुरक्षा और तकनीकी मानकों के आधार पर लिया गया है।
सियासी विवाद के बीच कई सवाल
अब इस पूरे विवाद का केंद्र यही सवाल है कि क्या हेलीपैड वास्तव में हेलीकॉप्टर लैंडिंग के लिए असुरक्षित था या फिर प्रशासनिक कारणों की आड़ में अखिलेश यादव का कार्यक्रम रोका गया?
फिलहाल, सपा और प्रशासन के अलग-अलग दावों के बीच बुलंदशहर का यह हेलीपैड विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।



