इंडिगो की उड़ानों में भारी देरी और रद्द होने की वजह क्या है?

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लगातार चौथे दिन देशभर के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा क्योंकि इंडिगो की कई उड़ानें देरी से चल रही हैं या रद्द की जा रही हैं। बड़े शहरों के हवाई अड्डों पर लंबी कतारें और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। 5 दिसंबर को इंडिगो की 400 से अधिक उड़ानें रद्द होने की खबर है, जिससे यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं। एक दिन पहले छह प्रमुख मेट्रो हवाई अड्डों पर एयरलाइन का ऑन-टाइम प्रदर्शन केवल 8.5% रह गया था।

उड़ानों में देरी और रद्द होने की वजह क्या है?

इंडिगो ने इसके लिए कई कारण बताए हैं। एयरलाइन के अनुसार तकनीकी समस्याएं, मौसम की खराब स्थिति, हवाई यातायात का दबाव, मौसमी शेड्यूल में बदलाव और पायलटों के लिए लागू किए गए नए ड्यूटी नियम (FDTL) मिलकर इस स्थिति का कारण बने हैं।

हालांकि, समस्या की जड़ इससे भी गहरी बताई जा रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार द्वारा पायलटों के आराम और उड़ान घंटों से जुड़े सख्त नियम लागू किए जाने के बाद इंडिगो को अपने पायलटों की ड्यूटी शेड्यूलिंग में कठिनाई हो रही थी। ये नए फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियम पायलटों की थकान कम करने के लिए लाए गए थे।

इन नियमों को दो चरणों में लागू किया गया:

  • 1 जुलाई से: पायलटों का साप्ताहिक आराम 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया।
  • 1 नवंबर से: रात में उड़ान भरने के घंटों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए गए।

एयरलाइनों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि नवंबर में लागू होने वाले नए नियमों के कारण अधिक पायलटों की जरूरत पड़ेगी और उड़ान संचालन प्रभावित हो सकता है। सरकार ने तैयारी के लिए अतिरिक्त समय भी दिया था, लेकिन माना जा रहा है कि इंडिगो की योजना पर्याप्त नहीं थी।

दूसरे चरण के पूरी तरह लागू होने के बाद एयरलाइन को पायलटों की ड्यूटी सूची बनाने में दिक्कत आने लगी। रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी ने कुछ पायलटों से छुट्टियां वापस लेने का अनुरोध भी किया और स्टाफ की कमी की चेतावनी दी।

वहीं, कई पायलट पहले से ही लंबे कार्य घंटों, कंपनी के मुनाफे के बावजूद वेतन वृद्धि न होने और नए नियमों को लेकर असंतोष जताते रहे हैं। इससे स्थिति और जटिल हो गई।

इंडिगो ने क्या माना?

4 दिसंबर को नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और डीजीसीए प्रमुख फैज़ किदवई के साथ हुई बैठक में इंडिगो अधिकारियों ने स्वीकार किया कि योजना बनाने में कमी और गलत आकलन वर्तमान संकट की प्रमुख वजहों में शामिल हैं।

कंपनी के सीईओ पीटर एल्बर्स ने भी आंतरिक संदेश में माना कि इंडिगो जैसे बड़े नेटवर्क में छोटी समस्या भी तेजी से पूरे सिस्टम को प्रभावित कर सकती है।

हालात कब सामान्य होंगे?

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

मंत्रालय के अनुसार 6 दिसंबर से उड़ानों की स्थिति में सुधार शुरू होने की उम्मीद है, जबकि अगले तीन दिनों के भीतर संचालन पूरी तरह सामान्य हो सकता है, यदि सभी उपाय योजना के अनुसार लागू किए जाते हैं।

इस बीच, इंडिगो ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि नए रात की उड़ानों से जुड़े प्रतिबंधों में 10 फरवरी तक अस्थायी राहत दी जाए। डीजीसीए ने कहा है कि वह इस अनुरोध पर विचार करेगा।

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