रामपुर: स्थानीय संवाददाता। रामपुर में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में समाजवादी पार्टी ने राजनीतिक और कानूनी लड़ाई तेज कर दी है। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में पार्टी का 45 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को रामपुर पहुंचा और जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने तथा मामले में वैधानिक प्रक्रिया के तहत पुनर्विचार की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायकों, सांसदों, जिलाध्यक्षों और वरिष्ठ पदाधिकारियों ने ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते हुए कहा कि यह मामला हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों के भविष्य से जुड़ा है।

इस दौरान यूपी सरकार के पूर्व मंत्री और किठौर से विधायक शाहिद मंजूर ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना समुचित जांच और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए किसी भी प्रकार की विध्वंसात्मक कार्रवाई उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि हम युवाओं के भविष्य के लिए प्रदेश से लेकर देश तक पूरी शक्ति के साथ खड़े हैं।
वहीं , ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय संबंधित भूमि रेगुलेटेड एरिया में शामिल नहीं थी, इसलिए उस समय आरक्षित पट्टे के तहत अनुमति लेने का प्रश्न ही नहीं उठता था।
गौरतलब है कि रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय परिसर के 40 में से 38 भवनों को अवैध निर्माण बताते हुए उन्हें ध्वस्त करने का आदेश दिया है। प्राधिकरण का कहना है कि केवल दो भवनों के नक्शे स्वीकृत थे, जबकि शेष 38 भवन बिना वैध अनुमति के बनाए गए। नोटिस के बावजूद संतोषजनक जवाब न मिलने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का निर्णय लिया गया।












