नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को जर्मनी के बर्लिन में दिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान की कड़ी आलोचना की। भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी जानबूझकर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में अस्थिरता पैदा करना चाहते हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखे एक पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी विदेशों में जाकर ऐसे मुद्दे उठाते हैं, जिससे देश में अशांति का माहौल बन सके।
भंडारी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी अक्सर विदेश जाकर भारत के विरोधी ताकतों को एकजुट करने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस पार्टी देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और विकास के खिलाफ है और उसका रवैया रचनात्मक विपक्ष के बजाय अस्थिरता फैलाने वाला है।
केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की आलोचना करते हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उनसे अधिक जिम्मेदार व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। करंदलाजे ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासित राज्यों में विकास और सुशासन के बजाय आंतरिक राजनीतिक विवाद अधिक दिखाई देते हैं।
राहुल गांधी ने बर्लिन के हर्टी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भाजपा ने देश की प्रमुख संस्थाओं पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। उन्होंने इसे भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया और आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
राहुल गांधी का दावा था कि ये एजेंसियां विपक्षी नेताओं को निशाना बनाती हैं, जबकि भाजपा से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को आर्थिक मदद देने वाले कारोबारियों पर दबाव बनाया जाता है और सरकारी संस्थाओं का उपयोग राजनीतिक शक्ति को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष केवल भाजपा से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ रहा है, बल्कि देश की संस्थागत संरचना को बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए एक मजबूत प्रतिरोध खड़ा किया जा रहा है।
राहुल गांधी ने वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत और पश्चिमी देशों ने चीन को उत्पादन के क्षेत्र में बहुत अधिक बढ़त दे दी है। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक देशों में रोजगार के अवसर कम हुए हैं और भारत, अमेरिका तथा यूरोप के कई हिस्सों में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देशों को रोजगार और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखने के लिए उत्पादन आधारित आर्थिक मॉडल पर फिर से ध्यान देना होगा और अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां मजबूत करनी होंगी।
राहुल गांधी इस समय जर्मनी के पांच दिवसीय दौरे पर हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग कमजोर हो रही है। 17 दिसंबर को म्यूनिख स्थित BMW वर्ल्ड म्यूजियम के दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि आर्थिक मजबूती के लिए मैन्युफैक्चरिंग बेहद जरूरी है और भारत में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिए मजबूत औद्योगिक ढांचा विकसित किया जाना चाहिए।
हालांकि भाजपा ने इन दावों को खारिज कर दिया है। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी के बयानों को भ्रामक बताते हुए कहा कि भारत का मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने पिछले दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात में हुई बढ़ोतरी तथा ऑटोमोबाइल निर्माण क्षेत्र के विस्तार का हवाला देते हुए राहुल गांधी के आरोपों का जवाब दिया।












