CEC ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का सड़क संग्राम, दिल्ली से पटना और कोलकाता तक प्रदर्शन
मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को देश के कई हिस्सों में देखने को मिला। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस ने दिल्ली, कोलकाता, पटना, लखनऊ, चंडीगढ़ और जम्मू-कश्मीर समेत कई जगहों पर प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
दिल्ली में चुनाव आयोग के कार्यालय के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई। कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन और मार्च का कार्यक्रम रखा गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग है कि SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर चुनाव आयोग जवाब दे और CEC ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें। भारतीय युवा कांग्रेस ने रायसीना रोड से जंतर-मंतर तक मार्च का भी ऐलान किया था।
कोलकाता में भी कांग्रेस कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ सड़क पर उतरे। बंगाल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मार्च निकालकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर जाने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग भी की गई।
पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR को लेकर गंभीर सवाल हैं। पार्टी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी दोहराई।
पटना में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर बिहार कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की थी। पार्टी ने इसे चुनाव आयोग के फैसलों और कथित ‘वोट चोरी’ के आरोपों के खिलाफ विरोध बताया।
लखनऊ और चंडीगढ़ में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। लखनऊ में कार्यकर्ता राज्य चुनाव आयोग और विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, जबकि चंडीगढ़ में हरियाणा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के कार्यालय की ओर मार्च किया। कई जगहों पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका।
इस विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर लगाए गए आरोप हैं। राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि SIR के दौरान मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई और पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए। ये कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं; चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर अपना पक्ष रखा है और SIR की प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के तहत बताया है।
कांग्रेस के इस अभियान को दूसरे विपक्षी दलों का भी समर्थन मिला है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। वहीं, RJD ने बिहार में विरोध कार्यक्रमों का ऐलान किया है। वामपंथी दलों ने भी CEC के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध कार्यक्रम घोषित किए हैं।
इस पूरे विवाद में चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया और उसके निर्णयों को लेकर अपना पक्ष रखा जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक और कानूनी बहस आगे बढ़ने की संभावना है।