
2024 के दौर में जब लिव-इन रिलेशनशिप और ब्रेकअप्स शादी को पीछे छोड़ रहे हैं, वहीं एक कहानी ने ऑनलाइन दुनिया को भावुक कर दिया है। यह कहानी है बिबेक पांगेनी (Bibek Pangen) और उनकी पत्नी सृजना सुबेदी (Srijana Subedi) की, जो एक सच्चे प्यार और समर्पण की मिसाल बन गईं।
बिबेक पांगेनी की कहानी
बिबेक पांगेनी (Bibek Pangen) एक नेपाली सोशल मीडिया पर्सनालिटी थे और वह यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया में फिजिक्स और एस्ट्रोनॉमी के पीएचडी कैंडिडेट थे। 2022 में बिबेक को ब्रेन ट्यूमर का पता चला और उन्होंने इस बीमारी के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी। 19 दिसंबर को बिबेक इस जंग में हार गए और उनका निधन हो गया।
सृजना सुबेदी (Srijana Subedi) का समर्पण
बिबेक (Bibek) की पत्नी, सृजना सुबेदी (Srijana Subedi), ने उनके इलाज के हर कदम पर उनका साथ दिया। सृजना (Srijana) ने बिबेक (Bibek) की बीमारी के दौरान उन्हें अपना पूरा समय और प्यार दिया, जो एक सच्ची नारी शक्ति का प्रतीक था। उन्होंने न केवल उनकी देखभाल की बल्कि हर दिन बिबेक (Bibek) को नया जीवन देने का प्रयास किया। सिरजना (Srijana) का समर्पण और प्रेम अनमोल था, और यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उन्हें अपार सराहना मिल रही है।
नेटिज़न्स का रिएक्शन
सृजना सुबेदी (Srijana Subedi) की दी हुई असीमित देखभाल और समर्थन को देखकर सोशल मीडिया यूज़र्स ने उनकी तारीफ की और उनकी कहानी को एक प्रेरणा माना। लोग सिरजना (Srijana)) की तुलना निकिता सिंगानिया (Nikita Sighaniya) से करने लगे, जो अपने पति अतुल सुभाष (Atul Subhas) को कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप है। अतुल ने हाल ही में बेंगलुरू में आत्महत्या की, और उनके पीछे एक लंबा नोट और वीडियो छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपनी मानसिक पीड़ा का जिक्र किया था। इस तुलना में लोग सिरजना (Srijana) को एक सच्ची नारी का उदाहरण मानते हुए कहते हैं, “निकिता के दुनिया में सिरजना ढूंढो।”
सृजना सुबेदी (Srijana Subedi) की शिक्षा और नौकरी
सृजना सुबेदी (Srijana Subedi) एक शिक्षित और मेहनती महिला हैं। उनकी शैक्षिक योग्यता और पेशेवर जीवन के बारे में अधिक जानकारी उपलब्ध नहीं है, लेकिन यह साफ है कि वह एक मजबूत और साहसी महिला हैं। उनकी पूरी ज़िंदगी बिबेक (Bibek) के साथ संघर्ष और प्रेम की कहानी रही है।
बिबेक (Bibek) और सृजना (Srijana) की जोड़ी ने अपने कैंसर से संघर्ष को सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे बहुत से लोग प्रेरित हुए और यह साबित हुआ कि सच्चा प्यार और समर्पण किसी भी मुश्किल को पार कर सकते हैं।
बिबेक (Bibek) के निधन के बाद सिरजना (Srijana) की भावनाओं और उनके संघर्ष को लोग हमेशा याद रखेंगे। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जीवन के कठिन समय में प्रेम और समर्थन सबसे बड़ी ताकत बन सकते हैं।











