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Jammu Kashmir में Sanjay Singh हुए हाउस अरेस्ट, गेट के बाहर ही रोके गए फारुख अब्दुल्ला, देखिए वीडियो…

Jammu Kashmir में Sanjay Singh हुए हाउस अरेस्ट, गेट के बाहर ही रोके गए फारुख अब्दुल्ला, देखिए वीडियो...
Jammu Kashmir में Sanjay Singh हुए हाउस अरेस्ट, गेट के बाहर ही रोके गए फारुख अब्दुल्ला, देखिए वीडियो...

जम्मू-कश्मीर: आम आदमी पार्टी (AAP) के सांसद संजय सिंह को जम्मू-कश्मीर के एक सरकारी गेस्ट हाउस में हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। संजय सिंह वहीं ठहरे हुए थे। खबर पाकर पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला उनसे मिलने पहुंचे, लेकिन गेस्ट हाउस का गेट बंद होने की वजह से दोनों आमने-सामने नहीं हो सके। वे केवल गेट के बाहर से ही एक-दूसरे को देख सके।

संजय सिंह ने इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि जम्मू-कश्मीर के कई बार मुख्यमंत्री रहे फारुख अब्दुल्ला को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने इस घटना को तानाशाही करार दिया।

संजय सिंह जम्मू-कश्मीर में विधायक मेहराज मलिक पर लगाए गए जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के बाद वहां पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुने हुए नेता के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार सही नहीं है। उन्होंने सरकार से इस्तीफा देने और जल्द चुनाव कराने की मांग की। AAP के विधायक इमरान हुसैन भी संजय सिंह के साथ हाउस अरेस्ट किए गए हैं।

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को भी संजय सिंह से मिलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने विपक्ष के नेताओं को कैद करने और जनता की आवाज दबाने की निंदा की।

मेहराज मलिक पर PSA लगने का मामला

आप के विधायक और जम्मू-कश्मीर इकाई के अध्यक्ष मेहराज मलिक को डोडा जिले में सार्वजनिक शांति भंग करने के आरोप में PSA के तहत हिरासत में लिया गया था। उन्हें बाद में कठुआ जेल भेज दिया गया। संजय सिंह ने इसे अवैध और असंवैधानिक बताया और कहा कि यह एक निर्वाचित नेता की आवाज़ दबाने की कोशिश है। उन्होंने अधिकारियों पर कानून का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। संजय सिंह ने युवाओं से भी अपील की कि वे प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाएं।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।