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दशहरा-दिवाली से पहले मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा! सस्ते होंगे लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और जरूरी सामान

दशहरा-दिवाली से पहले मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा! सस्ते होंगे लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और जरूरी सामान
दशहरा-दिवाली से पहले मिडिल क्लास को बड़ा तोहफा! सस्ते होंगे लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और जरूरी सामान

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था में उत्सव की बयार बह रही है। एक तरफ जहां GST 2.0 सुधारों के चलते रोजमर्रा की ज़रूरत की चीजें सस्ती हो गई हैं, वहीं अब रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) दशहरे और दिवाली से पहले आम जनता को एक और राहत देने की तैयारी में है। संभावना जताई जा रही है कि RBI ब्याज दरों में 0.25% की और कटौती कर सकता है, जिससे होम लोन, पर्सनल लोन और टू-व्हीलर लोन सस्ते हो सकते हैं।

ब्याज दरों में फिर कटौती संभव, EMI होगी हल्की

SBI की ताज़ा रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, 29 सितंबर से शुरू हो रही मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक में आरबीआई एक और कटौती कर सकता है। रिपोर्ट का कहना है कि मुद्रास्फीति नियंत्रण में है और ऐसे में ब्याज दरों में कटौती विकास को और रफ्तार दे सकती है।

इससे पहले फरवरी, अप्रैल और जून 2025 में आरबीआई कुल मिलाकर 1 प्रतिशत की कटौती पहले ही कर चुका है।

GST सुधारों से उपभोक्ताओं को राहत

GST 2.0 के तहत टैक्स स्लैब घटाकर दो (5% और 18%) कर दिए गए हैं। सरकार ने कई जरूरी वस्तुओं पर टैक्स शून्य कर दिया है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ा है।

अब ये चीजें हुईं सस्ती:

  • यूएचटी मिल्क, पनीर, छेना, पिज्जा ब्रेड, पराठा, रोटी, कुल्चा पर अब कोई टैक्स नहीं।
  • AC और फ्रिज पर GST 28% से घटाकर 18% कर दिया गया।
  • 350cc तक की बाइक पर GST 28% से घटाकर 18% किया गया।
  • स्टेशनरी आइटम्स जैसे पेंसिल, नोटबुक, शार्पनर अब टैक्स फ्री।
  • सबसे बड़ी राहत – हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी अब 0% GST, पहले 18% था।

मिडिल क्लास को मिल रही दोहरी राहत

  1. GST में राहत से घर का बजट सुधरा है, खाने-पीने और जरूरी चीजें सस्ती हुई हैं।
  2. अब ब्याज दर में कटौती से लोन लेना सस्ता होगा, जिससे घर खरीदने या किसी ज़रूरत के लिए लोन लेने वालों पर बोझ कम होगा।

विदेशी मुद्रा भंडार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

RBI के अनुसार, 12 सितंबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $702.97 अरब पहुंच गया है, जो देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला संकेत है।

शेयर बाजार और निवेशकों को भी मिला भरोसा

मोतीलाल ओसवाल और जेफरीज जैसी वित्तीय एजेंसियों का मानना है कि भारत में इस समय मजबूत संरचनात्मक विकास हो रहा है। लगातार SIP और म्यूचुअल फंड में निवेश से अगले 12 महीनों में $50-70 अरब का नया इक्विटी निवेश आने की उम्मीद है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।