भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने आधिकारिक तौर पर कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को निर्देश दिया है कि वह 2026 आईपीएल सीजन के लिए अपनी टीम से बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज़ कर दे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने शनिवार, 3 जनवरी को इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम “हाल की परिस्थितियों” को देखते हुए उठाया गया है।
30 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को KKR ने 16 दिसंबर को हुए मिनी ऑक्शन में 9.20 करोड़ रुपये में खरीदा था। उनके लिए चेन्नई सुपर किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच भी कड़ी बोली लगी थी। BCCI ने यह भी साफ किया है कि जरूरत पड़ने पर KKR उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में शामिल कर सकती है।
शाहरुख खान की सह-मालिकाना वाली KKR में मुस्तफिजुर के चयन को लेकर काफी विवाद हुआ था, खासकर महाराष्ट्र में। कई राजनेताओं और धार्मिक नेताओं ने इसका विरोध किया था। कुछ राजनीतिक दलों ने इस फैसले के लिए शाहरुख खान की भी आलोचना की थी। बांग्लादेश में हाल ही में एक हिंदू व्यक्ति की हत्या समेत कई घटनाओं के बाद वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं, जिससे BCCI पर दबाव भी बढ़ा।
मुस्तफिजुर रहमान आईपीएल के अनुभवी खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 से अब तक आठ आईपीएल सीजन खेले हैं और केवल 2019 व 2020 में नहीं खेल पाए थे। वह सनराइजर्स हैदराबाद, मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स, चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल चुके हैं। 2026 का सीजन KKR के लिए उनका पहला सीजन होता।
भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों पर भी अनिश्चितता
बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति का असर दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों पर भी पड़ा है। पिछले साल भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज टाल दी गई थी। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने 2 जनवरी 2026 को घोषणा की कि यह सीरीज अब सितंबर में खेली जाएगी। हालांकि BCCI ने अभी तक इसमें भाग लेने की पुष्टि नहीं की है और राजनीतिक हालात को लेकर चिंता जताई है।
दोनों देशों के बीच तनाव तब बढ़ा जब बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले साल अगस्त में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच देश छोड़कर भारत आना पड़ा। बाद में एक ट्रिब्यूनल ने छात्र मौतों से जुड़े मामले में उन्हें अनुपस्थिति में मौत की सजा सुनाई।
इसके बाद दोनों देशों के राजनयिक संबंधों में भी तनाव बढ़ा। ढाका ने कई बार भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब किया, जबकि भारत ने सुरक्षा चिंताओं को लेकर बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज़ हमीदुल्लाह को बुलाया। अवामी लीग सरकार के जाने और मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के आने के बाद बांग्लादेश की विदेश नीति में बदलाव आया है, जिसका असर भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों पर भी पड़ा है।












