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इंदौर में लोगों को जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया, मना करने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाए गए, SIT जांच शुरू

इंदौर में लोगों को जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया, मना करने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाए गए, SIT जांच शुरू
इंदौर में लोगों को जबरन इस्लाम कबूल करवाया गया, मना करने पर HIV संक्रमित इंजेक्शन लगाए गए, SIT जांच शुरू

इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर के नंदलालपुरा इलाके में जबरन धर्म परिवर्तन और एचआईवी संक्रमित इंजेक्शन लगाए जाने के आरोपों से बड़ा बवाल खड़ा हो गया है। इस गंभीर मामले में हिंदू ट्रांसजेंडर समुदाय की ओर से मुस्लिम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने न सिर्फ जबरन इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया, बल्कि मना करने पर एचआईवी संक्रमित सिरिंज से इंजेक्शन भी लगाया।

इस प्रकरण को लेकर शहर में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी ऋषिकेश मीणा की अगुवाई में विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।

60 से अधिक संक्रमित, 12 अस्पताल में भर्ती

हिंदू ट्रांसजेंडर समुदाय की नेता साकिना गुरु ने इस मामले में पेयल उर्फ नईम अंसारी और सीमा हाजी उर्फ फरजाना, दोनों मालेगांव निवासी, को मुख्य आरोपी बताया है। साकिना का दावा है कि अब तक लगभग 60 ट्रांसजेंडर संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 12 एमवाय अस्पताल के एआरटी सेंटर में इलाज करा रहे हैं।

उच्च स्तर पर शिकायतें, वीडियो साक्ष्य भी सौंपे

साकिना के वकील सचिन सोनकर ने बताया कि इस मामले की शिकायत देश के सर्वोच्च अधिकारियों—भारत के प्रधान न्यायाधीश, प्रधानमंत्री कार्यालय और इंदौर पुलिस कमिश्नर—को भेजी गई है। उन्होंने वीडियो साक्ष्य भी सौंपे हैं, जिनमें संक्रमित लोगों की स्थिति को दिखाया गया है। उनका दावा है कि इंदौर में करीब 100 एचआईवी संक्रमित ट्रांसजेंडर बिना इलाज के जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

झड़पों के बाद बढ़ा तनाव, थाना प्रभारी का तबादला

इस मामले में चंदन नगर और विजय नगर थानों में एफआईआर दर्ज की गई हैं। इसके अलावा पंढरीनाथ थाने में पिछले महीने हुई एक बड़ी झड़प के बाद थाना प्रभारी का तबादला भी किया गया था। विवाद गहराने के बाद साकिना और उनके समर्थकों ने आत्महत्या की धमकी तक दी, जिसके बाद SIT के गठन का निर्णय लिया गया।

पुलिस सतर्क, संवेदनशीलता के साथ जांच

पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है और सभी तथ्यों की बारीकी से जांच की जाएगी। SIT सभी पीड़ितों के बयान दर्ज कर रही है और मेडिकल रिपोर्ट्स भी खंगाली जा रही हैं।

यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था, बल्कि सामाजिक समरसता के लिए भी चुनौती बनता जा रहा है। प्रशासन की नजर अब SIT की जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।