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Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर सेना की अनूठी पहल, देश को वीरों की गाथा से जोड़ेगी तीन नई परियोजनाएं

Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर सेना की अनूठी पहल, देश को वीरों की गाथा से जोड़ेगी तीन नई परियोजनाएं
Kargil Vijay Diwas: 26वें कारगिल विजय दिवस पर सेना की अनूठी पहल, देश को वीरों की गाथा से जोड़ेगी तीन नई परियोजनाएं

नई दिल्ली: कारगिल युद्ध के शूरवीरों को श्रद्धांजलि देने और आम जनता को सेना के बलिदान के प्रति और अधिक जागरूक करने के उद्देश्य से भारतीय सेना 26वें कारगिल विजय दिवस के अवसर पर तीन नई परियोजनाएं शुरू करने जा रही है। ये पहल देश के वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को सम्मान देने के साथ-साथ नागरिकों को सेना से जोड़ने का माध्यम भी बनेंगी।

पहली परियोजना ‘ई-श्रद्धांजलि’ पोर्टल है, जहां देशवासी डिजिटल माध्यम से शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर सकेंगे। सेना के एक अधिकारी ने बताया कि इस पोर्टल के जरिए लोग अब देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए स्मारकों पर जाने की आवश्यकता के बिना भी सम्मान प्रकट कर सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य लोगों को सेना के संघर्ष और बलिदान के प्रति संवेदनशील बनाना है।

दूसरी परियोजना एक क्यूआर कोड आधारित ऑडियो एप्लिकेशन है। इसके माध्यम से लोग 1999 के कारगिल युद्ध में लड़े गए प्रमुख युद्धों की कहानियां सुन सकेंगे। टोलोलिंग की कठिन घाटियों से लेकर टाइगर हिल की बर्फीली चोटियों तक के रोमांचक अनुभव इस ऑडियो एप के जरिए जीवंत हो उठेंगे। यह अनुभव संग्रहालयों जैसा होगा, जहां आगंतुक हेडफोन के जरिए वीरता की गाथाओं को सुन सकेंगे।

तीसरी परियोजना ‘इंडस व्यूपॉइंट’ है, जिसे बटालिक सेक्टर में स्थापित किया गया है। यह स्थान आम नागरिकों को वास्तविक नियंत्रण रेखा (LoC) तक पहुंचने का दुर्लभ अवसर देगा। यह नई पर्यटन पहल लोगों को सीमा सुरक्षा की कठोर वास्तविकता से रूबरू कराएगी और राष्ट्र के प्रति उनकी भावनाओं को और मजबूत करेगी। सेना के अधिकारी ने बताया कि यह व्यूपॉइंट दर्शकों को उन कठिन परिस्थितियों का अहसास कराएगा, जिनमें हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए दिन-रात तैनात रहते हैं।

कारगिल विजय दिवस हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है, जब 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय को सफलतापूर्वक अंजाम देते हुए पाकिस्तानी घुसपैठियों से रणनीतिक ऊंचाइयों को पुनः प्राप्त किया था। बटालिक, जो कारगिल युद्ध के प्रमुख युद्धक्षेत्रों में से एक था, लगभग 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और इसका स्थान कश्मीर के कारगिल, लेह और बल्तिस्तान के बीच होने के कारण अत्यंत रणनीतिक महत्व रखता है।

सेना की यह नई पहल न केवल वीरों को श्रद्धांजलि है, बल्कि नई पीढ़ी को देश की रक्षा में लगे सैनिकों के बलिदान और संघर्ष से भी अवगत कराने का एक प्रेरणादायक कदम है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।