अक्टूबर हिंदू भक्तों और भारतीयों के लिए महत्त्वपूर्ण महीना है क्योंकि इस दौरान कई खुशी और शुभ अवसर आते हैं। भारत एक जीवंत और विविधतापूर्ण राष्ट्र है, और हर महीने, देश महत्वपूर्ण त्योहारों का जश्न मनाता है जो हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत को दर्शाते हैं। अब, अक्टूबर त्योहारों का महीना है – दशहरे से लेकर नवरात्रि पूजा तक, 2023 में इस महीने में कई कार्यक्रम आते हैं।
संसद के विशेष सत्र का तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हुई। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक यानी नारी शक्ति वंदन विधेयक पर बहस की शुरुआत हुई। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि “ये मेरे पति राजीव गांधी का सपना था।” इसके साथ ही उन्होंने जाति जनगणना की मांग भी की।
सोनिया गांधी ने कहा, ‘अध्यक्ष महोदय आपने मुझे बोलने की इजाजत दी इसके लिए मैं आपकी आभारी हूं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की तरफ मैं नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के समर्थन में खड़ी हुई हूं।’
उन्होंने कहा कि धुंए से भरी हुई रसोई से लेकर रोशनी से जगमगाती हुए स्टेडियम तक भारत की स्त्री का सफर बहुत लंबा है, लेकिन आखिरकार उसने मंजिल को छू लिया है। उसने जन्म दिया, उसने परिवार चलाया, उसने पुरुषों के बीच तेज दौड़ लगाई और असीम धीरज के साथ अक्सर खुद को हारते हुए, लेकिन आखिरी बाजी में जीतते हुए देखा।
उन्होंने कहा कि भारत की स्त्री के हृदय में महासागर जैसा धीरज है, उसने खुद के साथ हुई बेईमानी की शिकायत नहीं की और सिर्फ अपने फायदे के बारे में कभी नहीं सोचा। उसने नदियों की तरह सबकी भलाई के लिए काम किया है और मुश्किल वक्त में हिमालय की तरफ अडिग रही। उन्होंने कहा कि स्त्री के धैर्य का अंदाजा लगाना नामुमकिन है, वह आराम को नहीं पहचानती और थक जाना भी नहीं जानती। हमारे महान देश की मां है स्त्री, लेकिन स्त्री ने हमें सिर्फ जन्म ही नहीं दिया है, अपने आंसुओं, खून-पसीने से सींच कर हमें अपने बारे में सोचने लायक बुद्धिमान और शक्तिशाली भी बनाया है।
सोनिया गांधी ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, स्त्री की मेहनत, स्त्री की गरिमा और स्त्री के त्याग की पहचान करके ही हम लोग मनुष्यता की परीक्षा में पास हो सकते हैं। आजादी की लड़ाई और नए भारत के निर्माण हर मोर्चे पर स्त्री पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी है। वह उम्मीदों, आकांक्षाओं, तकलीफों और घर गृहस्थी के बोझ के नीचे नहीं दबी।
उन्होंने कहा कि सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी, अरुणा आसफ अली, विजयलक्ष्मी पंडित, राजकुमारी अमृत कौर और उनके साथ तमाम लाखों-लाखों महिलाओं से लेकिन आज की तारीख तक स्त्री ने कठिन समय में हर बार महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबा साहेब अंबेडकर और मौलाना आजाद के सपनों को जमीन पर उतार कर दिखाया है। इंदिरा गांधी का व्यक्तित्व इस सिलसिले में एक बहुत ही रोशन और जिंदा मिसाल है।
कांग्रेस नेता सोनिया ने कहा कि अध्यक्ष महोदय, खुद मेरी जिंदगी का यह बहुत मार्मिक क्षण है। पहली दफा स्थानीय निकायों में स्त्री की भागीदारी तय करने वाला संविधान संशोधन मेरे जीवन साथी राजीव गांधी ही लाए थे, लेकिन राज्यसभा में सात वोटों से गिर गया था। बाद में, प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव जी के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार ने ही उसे पारित कराया। आज उसी का नतीजा है कि देशभर के स्थानीय निकायों के जरिए हमारे पास 15 लाख चुनी हुई महिला नेता हैं। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का सपना अभी तक आधा ही पूरा हुआ है। इस विधेयक के पारित होने के साथ ही वह पूरा होगा।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है। हमें इसके पास होने से खुशी है, मगर इसके साथ-साथ एक चिंता भी है। उन्होंने कहा, ‘मैं एक सवाल पूछना चाहती हूं कि पिछले 13 वर्षों से भारतीय स्त्रियां अपनी राजनीतिक जिम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं और अब उन्हें कुछ वर्ष और इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है। कितने वर्ष- 2, 4, 6 या 8 वर्ष ? क्या भारत की महिलाओं के साथ यह बर्ताव उचित है?
उन्होंने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मांग है कि यह विधेयक फौरन अमल में लाया जाए, लेकिन इसके साथ ही जातिगत जनगणना कराकर शेड्यूल कास्ट, शेड्यूल ट्राइब, ओबीसी की महिलाओं के आरक्षण की व्यवस्था की जाए। सरकार को इसे साकार करने के लिए भी जो कदम उठाने की जरुरत है, वह उठाने ही चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस की तरफ से मैं आपके द्वारा सरकार से मांग करती हूं कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को उसके रास्ते की सारी रुकावटों को दूर करते हुए जल्द से जल्द लागू किया जाए। ऐसा करना ना सिर्फ जरूरी है, बल्कि संभव भी हैं।’
National testing Agency (NTA) ने शैक्षणिक वर्ष 2024-25 के लिए NEET UG परीक्षा तिथियों की घोषणा कर दी है। एनटीए द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा [NEET (UG)] – 5 मई 2024 को पेन और पेपर/OMR मोड में आयोजित की जाएगी। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत अधिसूचना देख सकते हैं।
NEET (UG) 2024 के परिणाम जून, 2024 के दूसरे सप्ताह तक घोषित किए जाएंगे।
आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है, “परीक्षा विशिष्ट विवरण संबंधित परीक्षाओं के सूचना बुलेटिन के माध्यम से उम्मीदवारों को सूचित किया जाएगा, जो इन परीक्षाओं के पंजीकरण फॉर्म के लॉन्च के समय प्रकाशित किया जाएगा।”
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि यदि उनके पास परीक्षा तिथियों या अन्य निर्देशों के बारे में कोई प्रश्न है, तो नवीनतम परिवर्तनों के लिए एनटीए की आधिकारिक वेबसाइट www.nta.ac.in देखें।
इस वर्ष राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने मणिपुर को छोड़कर, 7 मई, 2023 को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (यूजी) 2023 आयोजित की। 8,753 मणिपुर उम्मीदवारों के लिए, परीक्षा 6 जून को राज्य की राजधानी इंफाल सहित 11 स्थानों पर आयोजित की गई थी।
जी.एस.बी सेवा मंडल के प्रतिनिधि ने मीडिया को बताया कि इस साल उन्हें गणेश चतुर्थी के लिए 36 किलो चांदी और 250 ग्राम सोने का पेंडेंट मिला।
इस दान से मूर्ति में कुल 69 कि.ग्रा. सोना और कुल चांदी 336 कि.ग्रा. हो गई है।
“इस साल हम 69वां ‘गणपति उत्सव’ मनाने जा रहे हैं. इस साल, मूर्ति में 36 किलो चांदी और 250 ग्राम सोने का पेंडेंट जोड़ा गया है…” मंडल प्रतिनिधि ने कहा।
उन्होंने आगे उल्लेख किया कि सफल चंद्रयान -3 मिशन के लिए भगवान गणेश को धन्यवाद देने के लिए 19 सितंबर को एक विशेष ‘हवन’ किया जाएगा और 20 सितंबर को राम मंदिर के सफल निर्माण और उद्घाटन के लिए प्रार्थना और कामना करने के लिए एक और विशेष ‘हवन’ किया जाएगा। अयोध्या.
“20 सितंबर को, हम अयोध्या में राम मंदिर के सुचारू निर्माण के लिए एक विशेष ‘हवन’ करेंगे। 19 सितंबर को, हम सफल चंद्रयान -3 मिशन के बाद एक विशेष ‘हवन’ भी करेंगे। हमने सफल होने के लिए प्रार्थना की थी मिशन…” उन्होंने कहा।
मंडल प्रतिनिधि ने आगे बताया कि कुल 360.45 करोड़ का बीमा कराया गया है, जिसमें पंडाल में आने वालों के लिए 290 करोड़, आभूषणों के लिए 39 करोड़ और सार्वजनिक देनदारी के लिए 20 करोड़ शामिल हैं.
उन्होंने आगे कहा, “जहां तक सुरक्षा का सवाल है, हम इस साल चेहरे की पहचान करने जा रहे हैं। हमने हाई-डेंसिटी कैमरे लगाए हैं…फुटफॉल की गिनती की जाएगी।”
मंगलवार को एपल ने अपना नए आईफोन सीरीज 15 को लांच कर दिया. खास बात तो ये है लांच करने के बाद एपल के शेयर में करीब दो फीसदी की गिरावट देखने को मिली. जिसकी वजह से कंपनी को 47.76 अरब डॉलर का नुकसान हो गया. जिसे भारतीय रुपयों में 4 लाख करोड़ रुपये आंका जा रहा है. वास्तव में शेयर में गिरावट की असल वजह चीन कंपनी हुआवेई टेक्नोलॉजीज है. जिसने अपनी शिपमेंट को 20 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है. हाल ही में एपल के सबसे बड़े मार्केट में से एक चीन से एपल के लिए अच्छी खबरें नहीं आई है. यही वजह से 5 दिन में कंपनी के शेयर में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है. आइए आपको भी इसके बारे में विस्तार से बताते हैं.
एपल के शेयर में गिरावट
मंगलवार को एपल के शेयर 1.76 फीसदी की गिरावट के साथ 176.30 डॉलर पर बंद हुआ. वैसे कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 174.82 डॉलर पर भी पहुंचा. ?वैसे कंपनी का शेयर 179.49 रुपये पर ओपन हुए थे. अगर बीते 5 दिनों की बात करें तो कंपनी के शेयर में 6 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल चुकी है. वैसे इस साल एपल के शेयर ने निवेशकों को मोटा रिटर्न दिया है. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार एपल के शेयरों में अब तक 41 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल चुकी है. जानकारों की मानें तो कुछ दिनों के लिए एपल का शेयर दबाव में बना हुआ रह सकता है.
क्यों आई एपल के शेयर में गिरावट
एपल के शेयर में गिरावट की असल वजह चीन को माना जा रहा है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार एपल के शेयर की कीमत में गिरावट उस रिपोर्ट के बाद आई है जिसमें कहा गया है कि चीन की हुआवेई टेक्नोलॉजीज ने अपने मेट 60 सीरीज स्मार्टफोन के लिए साल के सेकंड हाफ की शिपमेंट के टारगेट को 20 फीसदी तक बढ़ा दिया है. चीनी कंपनी का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब दुनिया के सामने एपल का नया आईफोन 15 सीरीज और दूसरे प्रोडक्ट्स को लॉन्च किया है. कुछ दिन पहले चीनी सरकार ने अपने कर्मचारियों को आईफोन और दूसरे विदेशी डिवाइस यूज ना करने की हिदायत दी है.
एपल को चार लाख करोड़ रुपये का नुकसान
कंपनी के शेयर में गिरावट की वजह से कंपनी की वैल्यूएशन में बड़ी गिरावट देखने को मिली है. यह गिरावट 47.76 अरब डॉलर की देखने को मिली है. भारतीय रुपये में इस नुकसान हो 4 लाख करोड़ के आसपास आंका जा रहा है. एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार को जब बाजार बंद हुआ था तो कंपनी का मार्केट कैप 2.799 ट्रिलियन डॉलर था जो मंगलवार को बाजार बंद होने के बाद 2.752 ट्रिलियन डॉलर रह गया. इसका मतलब है कि कंपनी के मार्केट कैप में 47 अरब डॉलर से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है.
9/11 Terrorist Attack: अमेरिका पर हुए 9/11 आतंकी हमले को 22 साल पूरे हो गए हैं. आज ही के दिन 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में चार विमानों को हाइजैक कर आतंकी हमले को अंजाम दिया गया. 22 साल बाद भी 9/11 हमलों की यादों को लोग अपने मन से भुला नहीं पाए हैं. अमेरिका ने अपने इतिहास में इस तरह का कभी भी कोई आतंकी हमला नहीं झेला था. इस हमले ने अमेरिका समेत पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था.
अलकायदा के आतंकियों के जरिए किए गए इस हमले में 3000 के करीब लोगों ने अपनी जान गंवाई थी. आतंकियों ने सबसे पहले न्यूयॉर्क के वर्ल्ट ट्रेड सेंटर के ट्विन टॉवर से दो विमान क्रैश करवाए. फिर अमेरिका के रक्षा मंत्रालय के पेंटागन पर विमान क्रैश करवाया गया. चौथे विमान के जरिए किया गया हमला नाकामयाब रहा, क्योंकि वो विमान पेंसिल्वेनिया के एक खेत में जाकर क्रैश हो गया. आइए आज आपको इस हमले से जुड़े कुछ फैक्ट्स बताते हैं.
आतंकी संगठन अलकायदा के मुखिया ओसामा बिन लादेन ने इस हमले को फंड किया था. उसने ही इस पूरे हमले के लिए प्लान तैयार किया था. ओसामा सऊदी अरब का नागरिक था, जो अफगानिस्तान में छिपा हुआ था.
अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA ने राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को 4 दिसंबर, 1998 को अपने डेली ब्रीफ में आतंकी हमले को लेकर एक प्रमुख जानकारी दी थी. CIA ने क्लिंटन को बताया था कि लादेन विमानों को हाइजैक कर हमला कर सकता है.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहले भी हमला किया गया था. 26 फरवरी, 1993 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के पास पार्क की गई एक गाड़ी में धमाका हुआ था, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए.
अमेरिका ने ओसामा बिन लादेन को 9/11 से पहले कई बार ढेर करने की कोशिश की. मगर सैन्य अधिकारियों का कहना था कि वह अफगानिस्तान के जनजातीय नेताओं पर अभी निर्भर हैं, इसलिए वहां जाकर ओसामा को नहीं मारा जा सकता है.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर पर हुए हमले के बाद लगी आग 99 दिनों तक जलती रही थी. 11 सितंबर को हुए हमले की आग 19 सितंबर, 2001 को जाकर बुझी. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमला कितना खतरनाक था.
यूनाइटेड एयरलाइंस के विमान में सवार दो वर्षीय क्रिस्टिन हैनसन सबसे युवा यात्री थी. इस विमान को आतंकियों ने हाइजैक कर हमले को अंजाम दिया था.
हमले के बाद न्यूयॉर्क सिटी फायर डिपार्टमेंट के 343 अग्निशामकों की मौत हो गई. ये डिपार्टमेंट के 100 साल के इतिहास में ड्यूटी पर होने वाली मौतों का लगभग आधा था.
अमेरिका पर हुए आतंकी हमले के बाद 48 देशों में 11 दिसंबर 2001 को शोक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी गई. इस हमले में 77 देशों के नागरिकों ने भी जान गंवाई थी.
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर 11 सितंबर को हुए हमले के बाद बड़ी मात्रा में मलबा इकट्ठा हुआ था. सेंटर से लगभग 18 लाख टन मलबे को साफ करने और हटाने में 9 महीने का वक्त लग गया.
उत्तर प्रदेश स्थित प्रतापगढ़ में कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने कहा है कि वह कभी तलाक नहीं देंगी. एबीपी न्यूज से भानवी सिंह ने कहा कि मुझे जो कहना था मैंने कोर्ट में कह दिया.
एबीपी न्यूज से उन्होंने कहा मुझे कुछ कहना नहीं है. मामला कोर्ट में चल रहा है. जो हमको कहना था मैंने कोर्ट में कह दिया है. परिवार हमेशा एक रहेंगे. बच्चों के भविष्य के सवाल पर भानवी ने कहा कि उनका भविष्य अच्छा रहेगा. तलाक हम कभी देंगे नहीं. भगवान जो भी करते हैं अच्छा करते हैं. हमने लिखित रूप में कोर्ट में दे दिया है. उन्होंने कहा कि जो भी कोर्ट में लिखकर दिया है, उस पर मैं स्टैंड करती हूं.
बता दें तलाक का मामला राजा भैया ने दायर की है. रानी भानवी सिंह ने कोर्ट में दिए जवाब में राजा भैया द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने का भी जिक्र है.
भानवी सिंह ने दावा किया था कि राजा भैया ने उनके साथ मारपीट की और धमकाया. उन्होंने आरोप लगाया है कि सितंबर 2020 से ही राजा भैया ने उन्हें घर में आने से मनाकर रखा है. बता दें दिल्ली स्थित साकेत कोर्ट में चल रहे इस मामले में राजा भैया की पत्नी ने अपना जवाब दाखिल किया है.
भानवी सिंह ने अपने जवाब में दावा किया कि राजा भैया के अवैध संबंध हैं और उनसे मारपीट की. वह अपने बच्चों के साथ पढ़ाई दिल्ली में करवा रही हैं. तलाक केस में कोर्ट में दाखिल जवाब में भानवी सिंह ने दावा किया है कि उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई और उन्हें लखनऊ के मेयो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्होंने आरोप लगाया है कि साल 2015 के अप्रैल में उनसे मारपीट की गई थी.
भारत चंद्रमा पर इतिहास रचने के लिए तैयार है. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रमा के साउथ पोल पर चंद्रयान-3 की लैंडिंग प्रक्रिया का लाइव अपडेट बता रहा है. आप भी देखें.
दक्षिण ध्रुव पर चंद्रयान-3 सफलतापूर्वक लैंडिंग करता है तो भारत ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश होगा. वहीं चंद्रमा की सतह पर हिंदुस्तान से पहले चीन, अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं.
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी 1957 में पहली बार लोकसभा के सासंद बने थे. तब भारतीय जनता पार्टी का नाम था भारतीय जन संघ. उस समय पार्टी में केवल चार सांसद ही थे.
अटल बिहारी वाजपेयी 25 दिसंबर 1924 को गवालियर के मिडिल-क्लास स्कूल टीचर के घर पैदा हुए थे.
राजनीति में आने से पहले उन्होंने पत्रकारिता से शुरू किया था अपना करियर. वह अपनी कुशल भाषण कला की वजह से राजनीति में आए थे.
अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 1947 में प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय सेवक संघ को ज्वाइन किया था. भारत छोड़ो आंदोलन में हिस्सा लेने की वजह से वाजपेयी को 23 दिन के लिए जेल में रहना पड़ा था.
देश में इमरजेंसी के दौरान अटल बिहारी को भी विपक्षियों ने जेल भेज दिया था. 1977 में जनता पार्टी की सरकार में विदेश मंत्री बने थे अटल बिहारी तब संयुक्त राष्ट्र अधिवेशन में हिंदी में भाषण दिया था. वह इस पल को अपनी जिंदगी का सबसे सुखद पल मानते थे.
अटल की खुद की कोई संतान न होने की वजह से उन्होंने राजकुमारी कॉल की बेटी नमिता कॉल भट्टाचार्य को अपनी दत्तक पुत्री बनाया था. नमिता ने ही उनके पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी थी.
अटल बिहारी वाजपेयी ने एक बार संसद में कहा था कि ‘नेहरु जी के सिर के बल खड़ा हो कर योग करने से दृष्टि उल्टी हो गई है’.
1998 में राजस्थान के पोखराण में पहला न्यूक्लियर टेस्ट- ऑपरेशन शक्ति, अटल बिहारी के नेतृत्व में ही की गई थी.
पूरी जिंदगी अविवाहित रहे अटल बिहारी की जिंदगी में उनकी कॉलेज की दोस्त राजकुमारी कॉल के अलावा और कोई महिला नहीं थी.
अपने राजनीतिक जीवन में अटल बिहारी वाजपेयी 10 बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिए चुने गए थे. 16 मई 1996 में पहली बार वह प्रधानमंत्री बने. लेकिन 13 दिन बाद ही उनकी सरकार गिर गई. बहुमत साबित न कर पाने के कारण उन्हें इस्तीफा देना पड़ा.
16 अगस्त 2018 में 93 साल की उम्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी का एम्स में लंबी बिमारी से जूझते हुए देहांत हो गया था.