मुंबई: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा भारत पर 26 प्रतिशत टैरिफ लगाने के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई। गुरुवार सुबह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों में चिंता का माहौल बन गया।
सेंसेक्स में 805.58 अंक की गिरावट
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 805.58 अंक या 1.05 प्रतिशत गिरकर 75,811.86 पर खुला। वहीं, निफ्टी 50 में 182.05 अंक की गिरावट के साथ 23,150.30 पर कारोबार शुरू हुआ। पिछली ट्रेडिंग सेशन में सेंसेक्स 76,617.44 और निफ्टी 50 23,332.35 पर बंद हुआ था।
प्रमुख कंपनियों में गिरावट
सेंसेक्स के प्रमुख स्टॉक्स में HCL Tech, Infosys, TCS, Tech Mahindra और Zomato सबसे बड़े गिरावट वाले थे। HCL Tech में लगभग 2.39 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर, Sun Pharma, Power Grid और NTPC जैसे स्टॉक्स में उछाल देखा गया। Sun Pharma BSE पर टॉप गेनर रहा, जो 4.69 प्रतिशत चढ़ा। वहीं निफ्टी पैक में शुरुआती कारोबार में 624 स्टॉक्स हरे निशान में थे, जबकि 1,401 स्टॉक्स लाल निशान में और 101 स्टॉक्स बिना किसी बदलाव के थे। गिफ्ट निफ्टी, जो इक्विटी मार्केट इंडेक्स का एक प्रारंभिक संकेतक है, ने निफ्टी 50 के लिए नकारात्मक शुरुआत की पेशकश की। गिफ्ट निफ्टी 23,094 पर खुला, जो पिछली बंद दर 23,228.50 से नीचे था।
एशियाई बाजार भी हुए प्रभावित
एशियाई बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली। फ्यूचर्स ट्रेडिंग के अनुसार, अमेरिकी बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई। एसएंडपी 500 3.6 प्रतिशत और नैस्डैक 4.5 प्रतिशत गिरा। एप्पल के शेयरों में भी 7 प्रतिशत की गिरावट आई, जो टैरिफ घोषणा के बाद $224 से घटकर $208 पर पहुंच गए। निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स में भी गिरावट का दौर रहा। निफ्टी आईटी 2.49 प्रतिशत गिरा, निफ्टी ऑटो 1.10 प्रतिशत नीचे गया, निफ्टी मेटल में 0.50 प्रतिशत की गिरावट आई, और निफ्टी एफएमसीजी 0.67 प्रतिशत नीचे गिरा। निवेशकों को अब टैरिफ बढ़ने से भारत की निर्यात क्षेत्र और प्रमुख कंपनियों पर दबाव बनने का डर है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी टैरिफ निर्णय से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बन सकता है, जो पहले से ही वैश्विक मंदी के असर से जूझ रही है।
निष्कर्ष
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट के बाद निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। ट्रम्प के टैरिफ फैसले ने भारतीय बाजारों में मचाई खलबली, और आगामी दिनों में बाजार की स्थिति और भी नाजुक हो सकती है।