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हवा में कहां हुई चूक? ब्लैक बॉक्स भेजा जाएगा विदेश, मौत के बढ़ सकते है आंकड़े

हवा में कहां हुई चूक? ब्लैक बॉक्स भेजा जाएगा विदेश:
हवा में कहां हुई चूक? ब्लैक बॉक्स भेजा जाएगा विदेश:

ब्लैक बॉक्स (Black Box) को गंभीर क्षति – सुखद संयोग नहीं, बल्कि फायर-डैमेज से इतना बिगड़ा कि भारत में डेटा पढ़ पाना मुश्किल
संभावित विदेश भेजा जाना – एयर इंडिया विंग (Boeing 787‑8 Dreamliner) विमान की कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR) और फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) में जो जानकारी है, उसे यूएस (NTSB लैब, वाशिंगटन) में भेज कर सुरक्षित तरीके से निकालने पर विचार चल रहा है । भारतीय अधिकारी भी इस प्रक्रिया में साथ रहेंगे।
मारे गए यात्रियों की संख्या – हादसे में 12 जून, 2025 को उड़ान AI‑171 से कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 यात्रियों की मृत्यु हो गई थी।

Black Box क्या है?

कॉकपिट वॉइस रिकॉर्डर (CVR): इसमें 2 से 25 घंटे की बातचीत, अलार्म, और ATC संचार रिकॉर्ड होता है।
अंतरराष्ट्रीय सहयोग – NTSB (यूएस), UK का AAIB, FAA, Boeing, GE सहित कई एजेंसियां मिल कर जांच करेगी।
न्य सबूतों की जांच – क्रैश साइट, रडार डेटा, ATC रिकॉर्ड, इमारती ढांचे पर हुई गिरावट, सीसीटीवी और ग्राउंड स्टाफ के मोबाइल फोन को भी देखा जा रहा है। क्यों जरूरी है ब्लैक बॉक्स?
इसमें हादसे के सबसे अहम मिनटों की जानकारी होती है, जैसे:

पायलटों ने क्या कहा? (शायद “मे-डे, नो पावर” जैसा संदेश मिले)

तकनीकी खराबी: इंजन फेल हुआ या विंग/फ्लैप्स ठीके से काम नहीं कर रहे थे?

विमान हादसे में बस एक की जान बची, मृतकों का आंकड़ा पार कर सकता है 300

गुजरात के अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। प्लेन में कुल 242 लोग सवार थे और इनमें से सिर्फ एक यात्री की जान बची है। ऐसे में 241 मौतों की पुष्टि घटना वाले दिन ही हो चुकी है। विमान जिस इमारत से टकराया था, उसमें भी कई लोग मौजूद थे, जिन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी है। इसी वजह से मौत का आंकड़ा बढ़ा है। अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ने 318 बॉडी पार्ट्स मिलने की बात कही है। ऐसे में मौतों का आंकड़ा 300 के पार भी जा सकता है।

अगली सम्भावित कार्रवाई


अगली 1–2 सप्ताह में ब्लैक बॉक्स से प्रारंभिक डेटा मिल सकता है यदि यह सही तरीका से रेड किया गया। भारत की AAIB तीन महीने के भीतर फाइनल रिपोर्ट देगी, जिसमें हादसे की वजह, जिम्मेदार पक्ष और भविष्य में सुधार के दिशा-निर्देश होंगे।


क्या सीख मिल सकती है?


सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा – AAIB की टॉप-लेवल जांच से पता चलेगा कि एयर इंडिया, एयरपोर्ट अथॉरिटीज, या Boeing में कहीं कोई प्रक्रिया चूक गई थी या नहीं।

दूसरे विमानों की जांच – DGCA द्वारा एयर इंडिया के अन्य 787 Dreamliners पर विशेष रख-रखाव और तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं।

Digikhabar Team
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