प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के आवास पर कथित हमले की खबरों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि स्थायी शांति का एकमात्र भरोसेमंद रास्ता कूटनीति और बातचीत है।
इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कदम, जो मौजूदा संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं, चिंता का विषय हैं। उन्होंने सभी पक्षों से शांति प्रयासों को कमजोर करने वाले कदमों से बचने और बातचीत जारी रखने की अपील की।
सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में मोदी ने कहा कि किसी राष्ट्राध्यक्ष के आवास को निशाना बनाना बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने दोहराया कि युद्ध और तनाव को खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका लगातार कूटनीतिक प्रयास ही हैं।
प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के उस दावे के बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा कि यूक्रेन ने रूस के नोवगोरोद क्षेत्र में स्थित राष्ट्रपति पुतिन के सरकारी आवास पर हमला करने की कोशिश की थी। लावरोव के अनुसार, इस कथित घटना का असर मॉस्को की वार्ता संबंधी नीति पर पड़ सकता है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पुतिन से फोन पर बातचीत के दौरान इस कथित हमले की जानकारी मिलने के बाद वे “बहुत नाराज” हुए। ट्रंप ने कहा कि युद्ध के दौरान सैन्य कार्रवाई अलग बात है, लेकिन किसी नेता के आवास को निशाना बनाना एक सीमा पार करने जैसा है।
चीन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए सभी पक्षों से तनाव बढ़ाने वाले कदमों से बचने और संघर्ष को और फैलने से रोकने की अपील की।
लावरोव ने आरोप लगाया कि 28 और 29 दिसंबर के बीच यूक्रेन ने पुतिन के आवास की ओर 91 लंबी दूरी के ड्रोन भेजे थे। उन्होंने दावा किया कि रूस की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी ड्रोन मार गिराए। लावरोव ने इस घटना को लापरवाह कार्रवाई बताते हुए चेतावनी दी कि इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने इसे “राज्य प्रायोजित आतंकवाद” भी बताया।
हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि कथित घटना के समय राष्ट्रपति पुतिन उस आवास में मौजूद थे या नहीं।
वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने इन आरोपों को पूरी तरह झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि रूस के आरोप निराधार हैं और रूस वास्तव में युद्ध समाप्त करने के लिए गंभीर नहीं है।












