Google search engine
Home भारत Vande Bharat Accident: पूर्णिया में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने...

Vande Bharat Accident: पूर्णिया में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से 4 की मौत, कई घायल, जांच जारी

Vande Bharat Accident: पूर्णिया में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से 4 की मौत, कई घायल, जांच जारी
Vande Bharat Accident: पूर्णिया में वंदे भारत ट्रेन की चपेट में आने से 4 की मौत, कई घायल, जांच जारी

पटना: बिहार के पूर्णिया जिले में शुक्रवार सुबह वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसा उस वक्त हुआ जब कुछ युवक दुर्गा मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखकर लौट रहे थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब जोगबनी से पाटलिपुत्र जा रही वंदे भारत ट्रेन पूर्णिया के पास गुजर रही थी। इसी दौरान कुछ युवक रेलवे क्रॉसिंग पार कर रहे थे और तेज गति से आती ट्रेन की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक घायल ने जीएमसीएच (गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल) में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अन्य घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।

रेलवे पुलिस ने मृतकों के शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह स्पष्ट नहीं है कि दुर्घटना रेलवे क्रॉसिंग कर्मचारी की लापरवाही से हुई या फिर लोग चेतावनी के बावजूद पटरियों को पार कर रहे थे।

जोगबनी-दानापुर वंदे भारत एक्सप्रेस: शेड्यूल पर नजर

जोगबनी से दानापुर के बीच चलने वाली यह वंदे भारत एक्सप्रेस 17 दिसंबर को शुरू हुई थी। ट्रेन सुबह 3:25 बजे जोगबनी से रवाना होती है, पूर्णिया में 4:50 बजे रुकती है और फिर सहरसा, खगड़िया, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर होते हुए लगभग 11:30 बजे दानापुर (पटना) पहुंचती है।

हादसे को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश है और रेलवे प्रशासन से ट्रेनों की गति और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है।

Bhavishya
एक विचारशील लेखक, जो समाज की नब्ज को समझता है और उसी के आधार पर शब्दों को पंख देता है। लिखता है वो, केवल किताबों तक ही नहीं, बल्कि इंसानों की कहानियों, उनकी संघर्षों और उनकी उम्मीदों को भी। पढ़ना उसका जुनून है, क्योंकि उसे सिर्फ शब्दों का संसार ही नहीं, बल्कि लोगों की ज़िंदगियों का हर पहलू भी समझने की इच्छा है।