नई दिल्ली: लोकसभा में बहस के बाद, अब वक्फ संशोधन बिल 2025 की बारी राज्यसभा में आ गई है, जहां आज भारी विरोध और समर्थन की हलचल मची हुई है। बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हो रही है।
लोकसभा में बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े जबकि विपक्षी दलों ने इस बिल को “सांप्रदायिक और संविधान विरोधी” बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया। वक्फ ट्रिब्यूनल्स को मज़बूती देने, चयन प्रक्रिया को संरचित करने और विवादों के समाधान के लिए एक निश्चित कार्यकाल तय करने जैसी महत्वपूर्ण बदलावों को बिल में शामिल किया गया है। इस बिल के मुताबिक, वक्फ संस्थाओं की वक्फ बोर्ड में अनिवार्य योगदान 7% से घटाकर 5% किया जाएगा और 1 लाख रुपये से अधिक कमाई करने वाली वक्फ संस्थाओं का ऑडिट होगा।
विपक्ष ने किया जोरदार विरोध
कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्यसभा में आरोप लगाया कि लोकसभा में भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर द्वारा उन पर लगाए गए आरोप निराधार थे। खड़गे ने कहा कि यह टिप्पणी उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई थी और उन्होंने अनुराग ठाकुर से उन आरोपों को साबित करने की चुनौती दी, वरना इस्तीफा देने की बात कही।
सीपीआई के सांसद पी. संधोष कुमार ने कहा कि यह बिल “संविधान विरोधी” है और इसे हिंदू-मुस्लिम विवाद में घसीटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर विरोध करने का ऐलान किया और कहा कि यह बिल देश की सामाजिक समरसता को तोड़ने का प्रयास है। आरजेडी सांसद मनोज कुमार ने कहा कि उनका दल इस बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देगा, लेकिन उन्होंने यह भी अपील की कि इस बिल पर बहस संवेदनशीलता के साथ की जाए। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनके पार्टी के विधायक वक्फ संशोधन बिल के विरोध में काले रिबन पहनकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सुप्रीम कोर्ट में इस बिल को चुनौती देगी।
सोनिया गांधी का संविधान पर हमला
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी ने बिल को “संविधान पर खुला हमला” करार दिया और कहा कि यह बिल पूरी तरह से भाजपा की रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य समाज में स्थायी ध्रुवीकरण पैदा करना है।
मुंबई के मुंबाम में खुशी की लहर
मुंबाम के निवासी, जिन्होंने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ 173 दिनों तक अनशन किया था, बिल पास होते ही खुशी से झूम उठे। मुख्य रूप से क्रिश्चियन समुदाय के इस प्रदर्शनकारियों ने “नरेन्द्र मोदी जिंदाबाद” के नारे लगाए और आशा व्यक्त की कि नया कानून लागू होने के बाद उनका मुद्दा हल होगा। वक्फ संशोधन बिल पर जारी बहस में सभी की नजरें अब राज्यसभा पर हैं, जहां इस बिल को लेकर विवाद और समर्थन दोनों ही ओर से ताजा हलचल देखने को मिल रही है।