क्या है Karni Mata Temple की विशेषता, और क्या है चूहों से उनका संबंध, PM Modi ने भी टेका माथा

क्या है Karni Mata Temple की विशेषता, और क्या है चूहों से उनका संबंध, PM Modi ने भी टेका माथा

क्या है Karni Mata Temple की विशेषता, और क्या है चूहों से उनका संबंध, PM Modi ने भी टेका माथा

बीकानेर/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को राजस्थान के बीकानेर जिले के दौरे पर पहुंचे, जहां उन्होंने पुनर्विकसित देशनोक रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया और करीब 26,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। प्रधानमंत्री ने अपने दौरे के दौरान प्रसिद्ध करणी माता मंदिर में भी दर्शन किए और पालाना में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया।

86 जिलों के 103 ‘अमृत स्टेशनों’ का वर्चुअल उद्घाटन

देशनोक स्टेशन के उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री ने 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 86 जिलों में 103 पुनर्विकसित ‘अमृत स्टेशनों’ का वर्चुअल उद्घाटन भी किया। इन स्टेशनों को 1,100 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है। देशनोक रेलवे स्टेशन का नया रूप करणी माता मंदिर की स्थापत्य शैली से प्रेरित है और इसे तीर्थयात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए अत्याधुनिक इंतजाम किए गए हैं।

करणी माता मंदिर की विशेषता

प्रधानमंत्री मोदी ने जिस मंदिर में दर्शन किए, वह मंदिर करणी माता को समर्पित है और यह अपने हजारों चूहों (‘काबा’) के कारण दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां चूहों को माता के परिजन माना जाता है और उनका बचा हुआ प्रसाद श्रद्धा से ग्रहण किया जाता है।

करणी माता और चूहों का संबंध

पौराणिक मान्यता के अनुसार, करणी माता के एक भाई की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद माता ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि वे उनके भाई को पुनर्जीवित करें। भगवान शिव ने उनकी प्रार्थना स्वीकार की और आदेश दिया कि वह उनके भाई को चूहे के रूप में पुनर्जन्म दें। करणी माता ने यह आदेश स्वीकार किया और तभी से उनके परिवार के सदस्य चूहों के रूप में पूजित होते हैं।

करणी माता: एक दिव्य शक्ति की प्रतीक

करणी माता को एक योगिनी और तांत्रिक शक्ति के रूप में पूजा जाता है। उन्होंने अपने जीवनकाल में कई चमत्कार किए और लोक कल्याण के लिए कार्य किया। यह मंदिर न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि इसकी अनूठी वास्तुकला और चूहों की उपस्थिति इसे विश्व भर के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनाती है। मंदिर का संपूर्ण प्रबंधन करणी माता के वंशज, जिन्हें चारण कहा जाता है, संभालते हैं। ऐसा माना जाता है कि जिसे माता बुलाती हैं, वही यहां दर्शन करने आता है। भक्तों की हर मनोकामना यहां पूरी होती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा जहां राजस्थान को बुनियादी ढांचे की दृष्टि से बड़ी सौगातें देता है, वहीं करणी माता मंदिर की आध्यात्मिक छाया में उनकी उपस्थिति ने इस यात्रा को और भी खास बना दिया। विकास और आस्था का यह संगम बीकानेर के इतिहास में एक नई छाप छोड़ गया है।

About The Author

You may have missed