Supreme Court ने Rapist AsaRam को मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी

Supreme Court ने Rapist AsaRam को मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी
Supreme Court ने Rapist AsaRam को मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी

7 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने 2013 के बलात्कार मामले में आसाराम को मेडिकल आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी। हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने आदेश दिया कि जमानत मिलने के बाद आसाराम अपने अनुयायियों से मिलने से बचें।

यह मामला 2013 का है, जब जोधपुर की एक अदालत ने आसाराम को नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने के आरोप में अप्रैल 2018 में उम्रभर की सजा सुनाई थी।

आसाराम और उनके चार अन्य सह-आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र 6 नवंबर, 2013 को पुलिस द्वारा दाखिल किया गया था। यह आरोप पत्र पॉक्सो (प्रीवेंशन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्शुअल ऑफेंस) एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दायर किया गया था।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा था कि आसाराम ने उसे अपने आश्रम, जो जोधपुर के मनाई क्षेत्र में स्थित था, बुलाया था और 15 अगस्त 2013 की रात को बलात्कार किया था। वह लड़की शाहजहांपुर, उत्तर प्रदेश की रहने वाली थी और मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी।

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को जमानत दी है, लेकिन अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वह अपनी जमानत के दौरान अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे।

Digikhabar Team
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