ANI vs Wikipedia Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को किया रद्द, क्या है विवाद

ANI vs Wikipedia Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को किया रद्द, क्या है विवाद

ANI vs Wikipedia Controversy: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को किया रद्द, क्या है विवाद

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार, 17 अप्रैल 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा विकिपीडिया फाउंडेशन के खिलाफ जारी किए गए आदेशों को रद्द कर दिया। यह मामला समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) द्वारा विकिपीडिया पर प्रकाशित एक पेज को हटवाने की याचिका से जुड़ा था, जिसे एएनआई ने मानहानिपूर्ण बताते हुए दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।

जस्टिस ए.एस. ओका और जस्टिस उज्जल भुयां की पीठ ने कहा कि 2 और 8 अप्रैल को दिल्ली हाईकोर्ट की सिंगल जज और डिवीजन बेंच द्वारा दिए गए आदेशों में एएनआई की मांगें बहुत व्यापक थीं और उन्हें लागू करना संभव नहीं था। अदालत ने कहा कि “झूठी सामग्री हटाओ” जैसे सामान्य निर्देशों से यह तय करना मुश्किल है कि क्या वास्तव में मानहानिपूर्ण है और कौन इसका निर्धारण करेगा।

सुनवाई के दौरान जस्टिस ओका ने ANI के वकील को सुझाव दिया कि वे दिल्ली हाईकोर्ट के सिंगल जज के पास जाकर नई याचिका दाखिल करें, जिसमें वे विकिपीडिया पेज पर मौजूद विशिष्ट सामग्री को चिन्हित करें जिसे वे झूठा, भ्रामक या मानहानिपूर्ण मानते हैं।

एएनआई की ओर से वकील ने कहा कि उनका पक्ष सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सहमत है और वह अब विशेष सामग्री के खिलाफ सीमित अंतरिम रोक की मांग को लेकर नई याचिका दाखिल करेगा। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि विकिपीडिया का पेज लगातार बदलता रहता है, जिससे बार-बार एक जैसी सामग्री नए शब्दों के साथ दोबारा प्रकाशित की जाती है।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के दोनों आदेशों को खारिज करते हुए एएनआई को विशेष सामग्री के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग के लिए नई याचिका दाखिल करने की अनुमति दी। साथ ही कहा कि अगर ऐसी याचिका दाखिल होती है तो हाईकोर्ट की सिंगल बेंच उसे स्वतंत्र रूप से उसके गुण-दोष के आधार पर तय करे, और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रभावित न हो। उल्लेखनीय है कि एएनआई ने जुलाई 2024 में विकीमीडिया फाउंडेशन के खिलाफ यह मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था।

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