मुंबई की मस्जिदों में अब लाउडस्पीकर में नहीं होगी नमाज, पुलिस कमिश्नर ने बताया ‘लाउडस्पीकर मुक्त’ हुआ शहर

मुंबई की मस्जिदों में अब लाउडस्पीकर में नहीं होगी नमाज, पुलिस कमिश्नर ने बताया 'लाउडस्पीकर मुक्त' हुआ शहर

मुंबई की मस्जिदों में अब लाउडस्पीकर में नहीं होगी नमाज, पुलिस कमिश्नर ने बताया 'लाउडस्पीकर मुक्त' हुआ शहर

मुंबई: मुंबई अब धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों से पूरी तरह मुक्त हो गया है। मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती ने बुधवार को यह जानकारी दी और बताया कि सभी धार्मिक स्थलों से दिशा-निर्देशक लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। यह कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देशों के तहत की गई है।

देवेन भारती ने PTI से बातचीत में बताया, “मुंबई में अब किसी भी धार्मिक स्थल पर कोई स्थायी लाउडस्पीकर नहीं है। हमने यह काम सुनियोजित तरीके से किया है और किसी भी समुदाय को निशाना नहीं बनाया गया है।”

समुदायों के साथ संवाद से हुई शुरुआत

कमिश्नर ने बताया कि इस कार्रवाई से पहले धार्मिक और सामुदायिक नेताओं के साथ साथ राजनीतिक दलों से भी बातचीत की गई थी। उन्होंने कहा, “हमने सभी पक्षों को समझाया और सहमति के बाद कार्रवाई की। यह एक सहयोगात्मक प्रक्रिया थी।”

हाई कोर्ट के आदेश के बाद कड़ी कार्रवाई

जनवरी 2025 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि शोर प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वाले लाउडस्पीकरों के खिलाफ पुलिस तत्काल कार्रवाई करे। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि लाउडस्पीकर का उपयोग किसी भी धर्म का अनिवार्य हिस्सा नहीं माना जा सकता।

हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि शोर एक गंभीर स्वास्थ्य खतरा है और यदि किसी को लाउडस्पीकर के उपयोग की अनुमति नहीं मिलती, तो यह उनके धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है।

त्योहारों पर मिल सकती है अस्थायी अनुमति

हालांकि, पुलिस कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजनों और त्योहारों के दौरान लाउडस्पीकर के लिए अस्थायी अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए नियमों के तहत आवेदन करना होगा।

इतने लाउडस्पीकर हटाए गए

राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया कि इस अभियान के तहत मुंबई में कुल 1,608 लाउडस्पीकर हटाए गए, जिनमें:

  • 1,149 मस्जिदों से
  • 48 मंदिरों से
  • 10 चर्चों से
  • 4 गुरुद्वारों से
  • और 147 अन्य धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए गए हैं।

मस्जिदें तलाश रही विकल्प

लाउडस्पीकर हटाए जाने के बाद अब कई मस्जिदें वैकल्पिक उपायों की तलाश में हैं। कुछ मस्जिदों ने इस स्थिति से निपटने के लिए नवाचारपूर्ण समाधान भी अपनाने शुरू कर दिए हैं।

यह कदम धार्मिक स्थलों से उत्पन्न शोर को नियंत्रित करने की दिशा में एक बड़ा निर्णय माना जा रहा है, और इससे अन्य शहरों में भी इसी तरह की कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।

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