नई दिल्ली: ग्रेटर नोएडा में दहेज के लिए जलाई गई निक्की भाटी मामले में पुलिस ने तीसरी गिरफ्तारी की है। सोमवार को निक्की के देवर रोहित भाटी को गिरफ्तार किया गया। इससे पहले निक्की का पति विपिन भाटी और उसकी सास दया को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, विपिन के पिता सत्यवीर अब भी फरार हैं।
36 लाख रुपये की दहेज मांग का मामला
पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त (गुरुवार) की शाम 28 वर्षीय निक्की को उसके पति विपिन और सास दया ने बेरहमी से पीटा और उस पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। निक्की की बहन कंचन, जिसकी शादी विपिन के भाई रोहित से हुई है, ने एफआईआर दर्ज कराई। कंचन ने बताया कि जब उसने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उसे भी पीटा गया।
कंचन द्वारा बनाए गए वीडियो सामने आए हैं, जिनमें विपिन और दया को निक्की को पीटते हुए देखा जा सकता है। एक अन्य वीडियो में जलती हुई निक्की सीढ़ियों से उतरती दिखाई देती है। इसके अलावा एक और क्लिप में निक्की गंभीर रूप से झुलसी हालत में फर्श पर बैठी नज़र आती है। इलाज के दौरान दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में निक्की ने दम तोड़ दिया।
पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में घायल हुआ विपिन
रविवार को विपिन पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश में घायल हो गया। पुलिस अधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि जांच के दौरान जब विपिन को उसके घर ले जाया गया तो उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में विपिन के पैर में गोली लगी और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पीड़िता के पिता की मांग: आरोपियों को गोली मार दी जाए
पीड़िता के पिता बिखारी सिंह पैला ने NDTV से कहा, “वे हत्यारे हैं, इन्हें गोली मार दी जानी चाहिए, इनका घर गिरा देना चाहिए। मेरी बेटी अपने बेटे को पालने के लिए पार्लर चलाती थी, लेकिन ससुरालवालों ने उसे लगातार प्रताड़ित किया। पूरी फैमिली साजिश में शामिल थी और उन्होंने मेरी बेटी को मार दिया।”
अस्पताल से विपिन का बयान: “निक्की खुद मरी”
अस्पताल में इलाज के दौरान विपिन ने मीडिया से कहा कि उसकी पत्नी की मौत उसने नहीं की। “मेरे पास कोई पछतावा नहीं है। मैंने उसे नहीं मारा, वह खुद मर गई। पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े आम बात हैं।”
भारी दहेज देने के बावजूद नहीं थमी मांगें
निक्की और कंचन की शादी 10 दिसंबर 2016 को भाटी परिवार में हुई थी। कंचन के अनुसार, पिता ने शादी में स्कॉर्पियो एसयूवी, रॉयल एनफील्ड बुलेट, नकद और सोने-चांदी समेत हर तरह का दहेज दिया था। करवा चौथ जैसे मौकों पर भी उपहार भेजे जाते थे, लेकिन ससुरालवालों को कभी संतोष नहीं हुआ। वे अक्सर ताने देते कि “तुम्हारे घर से आए कपड़े दो रुपये के हैं।”
कंचन ने बताया कि दोनों बहनों ने मिलकर एक मेकअप स्टूडियो शुरू किया था, मगर ससुरालवालों को यह भी पसंद नहीं था। “हमारी सारी कमाई छीन ली जाती थी। विरोध करने पर मारपीट होती थी। अगर मैंने वीडियो न बनाया होता तो किसी को सच्चाई पता नहीं चलती।” निक्की की मौत ने एक बार फिर समाज को दहेज की भयावह हकीकत और बहुओं पर होने वाले अत्याचार से रूबरू करा दिया है।