GST News: केंद्र सरकार ने GST के दो स्लैब में बड़े बदलाव, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं में राहत

GST News: केंद्र सरकार ने GST के दो स्लैब में बड़े बदलाव, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं में राहत
GST News: केंद्र सरकार ने GST के दो स्लैब में बड़े बदलाव, रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं में राहत

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने वस्तु एवं सेवा कर (GST) ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी कर ली है। सरकार ने दैनिक उपयोग की वस्तुओं और उच्च कर श्रेणी (28%) में आने वाले उत्पादों पर टैक्स में कटौती का प्रस्ताव दिया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस पर किए गए “नेक्स्ट जेनरेशन GST रिफॉर्म्स” के ऐलान के तुरंत बाद सामने आया है।

प्रधानमंत्री ने लाल किले से अपने भाषण में कहा कि जुलाई 2017 से लागू GST को अब आठ वर्ष पूरे हो चुके हैं, और इसे और अधिक सरल, प्रभावी और आम जनता के अनुकूल बनाने का समय आ गया है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, केंद्र ने संशोधित GST ढांचे के तहत कुछ प्रमुख बदलावों का प्रस्ताव दिया है, जिनमें कर दरों का पुनर्गठन और वस्तुओं का पुनर्वर्गीकरण शामिल है।

दो नई दरें प्रस्तावित

संशोधित GST ढांचे में केंद्र सरकार ने दो प्रमुख कर दरें, 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत, लागू करने का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा, विलासिता की वस्तुओं पर विशेष 40 प्रतिशत टैक्स लगाने की संभावना है। वर्तमान में 12 प्रतिशत कर दायरे में आने वाली 99 प्रतिशत वस्तुओं को अब 5 प्रतिशत श्रेणी में लाने का प्रस्ताव है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

28% से 18% में बदलाव

28 प्रतिशत टैक्स श्रेणी में आने वाली लगभग 90 प्रतिशत वस्तुओं को अब 18 प्रतिशत के टैक्स स्लैब में डाला जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से उपभोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे दरों में कटौती से होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई संभव हो सकेगी।

दैनिक उपयोग की वस्तुएं 5% टैक्स स्लैब में

संशोधित प्रस्ताव के तहत रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं और आम आदमी से जुड़ी चीजों पर 5 प्रतिशत की दर से कर लगाए जाने की संभावना है। इससे आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा और महंगाई पर भी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

सरकार का उद्देश्य GST को ज्यादा सरल बनाना, उपभोग को प्रोत्साहित करना और कर प्रणाली को अधिक न्यायसंगत बनाना है। संशोधित प्रस्तावों को लेकर राज्यों के साथ चर्चा और GST परिषद की बैठक के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।