6 साल से दुनिया से दूरी, न फोन न तस्वीरें… सिर्फ ‘टोनी’ ही था सहारा; जिया-राधा की दर्दनाक कहानी

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लखनऊ के पारा इलाके से सामने आई एक बेहद भावुक और झकझोर देने वाली घटना ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। यहां पालतू कुत्ते ‘टोनी’ की गंभीर बीमारी से मानसिक रूप से टूट चुकीं दो सगी बहनों ने फिनायल पीकर आत्महत्या कर ली। दोनों बहनें लंबे समय से अवसाद और सामाजिक अलगाव से जूझ रही थीं और अपने पालतू डॉगी से गहरा भावनात्मक लगाव रखती थीं।

यह मामला पारा थाना क्षेत्र के दोदा खेड़ा, जलालपुर का है। मृतक बहनों की पहचान 24 वर्षीय राधा सिंह और 22 वर्षीय जिया सिंह के रूप में हुई है। दोनों शिक्षित थीं और ग्रेजुएशन कर चुकी थीं।

सामाजिक जीवन से पूरी तरह कट चुकी थीं बहनें

परिजनों के मुताबिक, दोनों बहनें बीते कई वर्षों से सामान्य सामाजिक जीवन से दूर थीं। वे न तो मोहल्ले के लोगों से बातचीत करती थीं और न ही किसी पारिवारिक या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होती थीं। परिवार से अलग खाना बनाना और अकेले रहना उनकी दिनचर्या बन चुकी थी।

बताया गया कि दोनों बहनें मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और तस्वीरें खिंचवाने जैसी चीजों से भी दूरी बनाए रखती थीं। मां का कहना है कि फोटो खींचने की बात पर वे नाराज तक हो जाया करती थीं।

‘टोनी’ ही था उनकी दुनिया

65 वर्षीय कैलाश सिंह की बेटियों ने जर्मन शेफर्ड नस्ल का एक कुत्ता पाल रखा था, जिसका नाम टोनी था। यही डॉगी दोनों बहनों के जीवन का केंद्र बन चुका था। वे अधिकतर समय उसी के साथ बिताती थीं। यहां तक कि खाने में भी पहले टोनी का हिस्सा अलग रखा जाता था।

करीब एक महीने पहले टोनी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इलाज के बावजूद उसकी हालत में कोई खास सुधार नहीं हुआ। बहनों को यह डर सताने लगा कि कहीं उनका डॉगी उन्हें छोड़ न दे। इसी चिंता ने उनकी मानसिक स्थिति को और बिगाड़ दिया।

डिप्रेशन ने छीना जीवन

परिवार के अनुसार, छोटी बहन जिया पहले से ही मानसिक रूप से अस्थिर थी। टोनी की बीमारी के बाद राधा भी गहरे अवसाद में चली गई। बुधवार को दोनों ने एक साथ फिनायल पी लिया और तुरंत अपनी मां गुलाबा देवी को इसकी जानकारी दी।

मां ने बड़े बेटे वीर सिंह को फोन कर बुलाया। पड़ोसियों की मदद से दोनों को रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही राधा की मौत हो गई। जिया ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया।

डर और अंधविश्वास भी बना वजह

पड़ोसियों और परिजनों ने बताया कि दोनों बहनें अक्सर डर और भूत-प्रेत जैसी आशंकाओं की बातें किया करती थीं। उनके इलाज के लिए परिवार उन्हें कई बार बालाजी भी ले गया था, लेकिन कोई खास सुधार नहीं दिखा। परिवार को लगता था कि उन पर किसी तरह का साया है।

पुलिस जांच में जुटी

फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को आत्महत्या मानकर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और परिस्थितियों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल की जा रही है।

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